जलभराव से प्रभावित घरों और दुकानों के लिए मांगी बीमा योजना
वसई-विरार शहर में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव से ग्राउंड फ्लोर पर स्थित घरों और दुकानों को हर वर्ष भारी नुकसान होता है। इस समस्या से निपटने और पीड़ितों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से धर्मराज कामगार संघटना के अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता शिवप्रताप सिंह सोमवंशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एक विशेष बीमा योजना लागू करने की मांग की है।
2018 से जारी जलभराव की समस्या, हजारों परिवार प्रभावित
अपने पत्र में शिवप्रताप सिंह सोमवंशी ने बताया कि वर्ष 2018 से शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। बारिश के पानी में डूबने से हजारों परिवारों के घरेलू सामान, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों के व्यापारिक माल को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने इस स्थिति के लिए विकास कार्यों में हो रही लापरवाही और घटिया गुणवत्ता को जिम्मेदार ठहराया है।
महानगरपालिका वहन करे बीमा प्रीमियम
अपनी मांग को विस्तार से बताते हुए सोमवंशी ने कहा कि वसई-विरार महानगरपालिका को ग्राउंड फ्लोर पर स्थित सभी आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों का सामूहिक बीमा कराना चाहिए। बारिश और जलभराव से होने वाले नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी के माध्यम से सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बीमा योजना का प्रीमियम महानगरपालिका को स्वयं वहन करना चाहिए, क्योंकि शहर के नागरिक नियमित रूप से गृहकर और अन्य स्थानीय करों का भुगतान करते हैं।
आईआईटी और नीरी की रिपोर्ट लागू करने का आग्रह
बीमा योजना के अलावा, सोमवंशी ने जलभराव की स्थायी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए आईआईटी मुंबई और नीरी (NEERI) द्वारा दिए गए तकनीकी सुझावों को शीघ्र लागू करने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वसई-विरार के लाखों नागरिकों के हित में इस मामले में आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि स्थानीय प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठा सके।




