वरिष्ठ अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर जताया रोष
विरार: वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) की स्वास्थ्य समिति की हालिया बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षदों ने प्रशासन के रवैये के खिलाफ जमकर रोष जताया। भाजपा पार्षद हितेश जाधव, योगिता करंजकर और विशाल जाधव ने प्रशासन की कथित लापरवाही का हवाला देते हुए बैठक का बहिष्कार कर वॉकआउट किया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर सचिव, अतिरिक्त आयुक्त और उपायुक्त जैसे वरिष्ठ अधिकारी अनुपस्थित रहे। केवल स्वास्थ्य और अग्निशमन विभाग के कुछ अधिकारी ही मौजूद थे, जिसे लेकर पार्षदों ने कहा कि प्रशासन नागरिकों के स्वास्थ्य के मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
कार्यवाही और एजेंडे को लेकर उठाए सवाल
बैठक में कुल छह विषयों पर चर्चा होनी थी, लेकिन प्रक्रिया को लेकर भारी हंगामा हुआ। पार्षदों ने बताया कि पिछली बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) की प्रति बैठक शुरू होने के बाद सदस्यों को दी गई और उसे तुरंत मंजूर करने का दबाव बनाया गया। सदस्यों के विरोध के बाद इस मुद्दे को स्थगित कर दिया गया। पार्षदों का यह भी आरोप है कि बैठक से पहले किसी भी विषय का विस्तृत एजेंडा या विवरण सदस्यों को उपलब्ध नहीं कराया गया था।
अधिकारियों की जानकारी की कमी से कई मुद्दे हुए स्थगित
बैठक के दौरान अधिकारियों की तैयारी को भी कटघरे में खड़ा किया गया। निजी अस्पतालों को जारी किए गए सी-फॉर्म (C-Form) से जुड़े मामले में अधिकारियों के पास सही जानकारी नहीं थी। इसके अलावा, आचोले और जूचंद्र स्थित अस्पतालों के निर्माण कार्य से संबंधित विषयों पर भी संबंधित अधिकारी नहीं होने के कारण चर्चा नहीं हो सकी और इन्हें स्थगित करना पड़ा। भाजपा पार्षदों ने अस्पतालों के लिए अतिरिक्त मानवबल उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी सवाल खड़े किए, क्योंकि यह मामला पहले ही स्थायी समिति से मंजूर हो चुका है।
भविष्य में सख्ती की चेतावनी
वॉकआउट के बाद भाजपा पार्षद हितेश जाधव ने प्रेस वार्ता में बताया कि स्वास्थ्य समिति के सभापति का पद एक वैधानिक पद है और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह समिति के सदस्यों का सम्मान करे। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जब तक सभी वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद नहीं रहेंगे और सदस्यों को बैठक से पहले सभी विषयों की पूरी जानकारी नहीं दी जाएगी, तब तक भाजपा पार्षद ऐसी बैठकों में शामिल नहीं होंगे।




