लखनऊ। भारतीय नौसेना के वीर जवानों और अधिकारियों के अदम्य साहस, समर्पण और आधुनिक तकनीकी दक्षता को समर्पित ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ (नौसेना शौर्य संग्रहालय का द्वितीय चरण) का लोकार्पण समारोह लखनऊ में धूमधाम से संपन्न हुआ। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और संग्रहालय के द्वितीय चरण को जनता के लिए समर्पित किया।
समारोह का गरिमामयी आयोजन

लोकार्पण समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा राज्य के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, नौसेना के उच्च अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास और उपलब्धियों को समर्पित एक प्रभावशाली प्रस्तुति से हुई। वक्ताओं ने भारतीय नौसेना की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने वाले हमारे वीर जवान राष्ट्रीय सुरक्षा की रीढ़ हैं।
शौर्य वाटिका: वीरता की गाथा का सजीव दस्तावेज

नौसेना शौर्य वाटिका भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास, युद्ध कौशल, बलिदान और तकनीकी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाला एक प्रमुख केंद्र होगी। इस संग्रहालय में नौसेना से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज, युद्ध सामग्री, मॉडल और मल्टीमीडिया प्रस्तुतियां रखी गई हैं, जो आगंतुकों को नौसेना की यात्रा को करीब से देखने का अवसर देंगी। विशेष रूप से युवा पीढ़ी के लिए यह स्थान देशभक्ति और राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
युवाओं में राष्ट्रभक्ति की ज्वलंत मशाल

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि नौसेना शौर्य वाटिका युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि जब हमारे सैनिक सीमाओं पर देश की रक्षा के लिए दिन-रात एक करते हैं, तो हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह उनके बलिदान और समर्पण को सदैव याद रखे और सम्मान के भाव से देखे। यह संग्रहालय भारतीय सशस्त्र बलों की गौरवगाथा को आम जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रदेशवासियों को बधाई, जवानों को नमन

इस अवसर पर भारतीय नौसेना के सभी वीर जवानों और अधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं और उनके अथक परिश्रम को सलाम किया गया। साथ ही लखनऊ और उत्तर प्रदेश के निवासियों को इस गौरवशाली उपलब्धि के लिए बधाई दी गई। कार्यक्रम का समापन ‘जय हिंद’ के उद्घोष के साथ हुआ।










