विरार. विरार के नारंगी गांव जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक को बंद करने की तैयारी के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. रेलवे प्रशासन ने फाटक के आसपास लोहे के खंभे लगाने का काम शुरू कर दिया है, जिसका ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है.
आवागमन का प्रमुख रास्ता
ग्रामीणों के अनुसार, यह रेलवे फाटक इलाके के हजारों लोगों के लिए आवागमन का मुख्य साधन है. रोजाना बड़ी संख्या में छात्र, मजदूर और आम नागरिक इसी मार्ग से अपने काम और शिक्षा के लिए आते-जाते हैं. लोगों का कहना है कि फाटक बंद होने से उन्हें लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा, जिससे समय और धन दोनों की हानि होगी.
वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि फाटक बंद करने से पहले कोई वैकल्पिक इंतजाम किया जाए, ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े. ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर बिना किसी विकल्प के फाटक बंद किया गया, तो वे व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. लेकिन फाटक बंद करने की संभावित कार्रवाई को लेकर नारंगी गांव और आसपास के क्षेत्रों में चिंता और रोष का माहौल बना हुआ है.







