वसई रोड रेलवे स्टेशन पर रोजाना हजारों यात्री आते-जाते हैं, लेकिन सुरक्षा और शिकायतों के लिए उन्हें रेलवे पुलिस थाने तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। स्टेशन से करीब एक से सवा किलोमीटर दूर स्थित इस पुलिस थाने की दूरी यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
विशाल क्षेत्र और केवल एक थाना
वसई रेलवे पुलिस का क्षेत्र मीरा रोड से लेकर वैतरणा तक फैला हुआ है, जिसमें सात रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इतने विशाल क्षेत्र और लाखों यात्रियों की देखरेख के लिए केवल एक ही पुलिस थाना है। किसी भी स्टेशन पर हुई घटना की शिकायत दर्ज कराने के लिए यात्रियों को मजबूरी में वसई पुलिस थाने तक जाना पड़ता है।
मानसून में और बढ़ जाती है मुश्किलें
दूरी के अलावा मौसम भी यात्रियों की परेशानी बढ़ा देता है। मानसून के दौरान पुलिस थाने के परिसर में जलभराव हो जाता है, जिससे यात्रियों और पुलिस कर्मचारियों दोनों को पानी में चलकर आना-जाना पड़ता है। वहीं, मौजूदा पुलिस थाना एक पुराने भवन में चल रहा है, जहां जगह, फर्नीचर, दस्तावेजों के रखरखाव और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है।
जगह की कमी के कारण अटका प्रस्ताव
यात्रियों की लंबे समय से मांग है कि स्टेशन परिसर या उसके आसपास एक नया पुलिस थाना बनाया जाए। रेलवे पुलिस अधिकारियों ने भी इस संबंध में प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा है। लेकिन रेलवे प्रशासन का कहना है कि स्टेशन के पास नए थाने के लिए फिलहाल उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं है।
यात्रियों की मांग
वसई स्टेशन अब एक बड़ा जंक्शन बन चुका है जहां लंबी दूरी की ट्रेनें भी रुकती हैं। बढ़ती यात्री संख्या के साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में स्थानीय नागरिक और यात्री रेलवे प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं।







