ठाणे। ठाणे के प्रसिद्ध पिंपलेश्वर महादेव मंदिर से जुड़ा वर्षों पुराना भूमि विवाद आखिरकार सुलझ गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंदिर परिसर में आयोजित एक भव्य सार्वजनिक सम्मान समारोह में घोषणा की कि संबंधित पूरी भूमि अब श्री पिंपलेश्वर महादेव मंदिर को समर्पित कर दी गई है। उन्होंने इस ऐतिहासिक फैसले को महादेव भक्तों की बड़ी जीत बताया।
भव्य स्वागत और विधिवत महापूजा
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री फडणवीस के करकमलों द्वारा मंदिर में विधिवत महापूजा के साथ हुई। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट और भक्त मंडल की ओर से उनका भव्य सत्कार किया गया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री उदय सामंत, सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे, विधायक रविंद्र चव्हाण, किसन कथोरे, कुमार आयलानी, सुलभा गायकवाड, राजेश मोरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। अपने संबोधन की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज और भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को नमन करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

सरकार और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों का परिणाम
मुख्यमंत्री ने इस सफलता का श्रेय भगवान महादेव को देते हुए कहा कि वे सभी केवल एक माध्यम हैं, असली श्रेय महादेव की कृपा को जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्रिमंडल के सहयोगियों और प्रशासन के निरंतर एवं संयुक्त प्रयासों के कारण ही यह महत्वपूर्ण कार्य संभव हो सका है।

मंदिर के प्राचीन वैभव के पुनर्स्थापन पर जोर
फडणवीस ने कहा कि पिंपलेश्वर महादेव मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व अत्यंत गौरवशाली है। राज्य सरकार मंदिर के प्राचीन वैभव और विरासत को पुनर्स्थापित करने के लिए विशेष प्रयास करेगी। साथ ही, उन्होंने सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे और विधायक रविंद्र चव्हाण द्वारा मंदिर परिसर के विकास को लेकर रखी गई सभी प्रमुख मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का ठोस आश्वासन भी दिया। इस ऐतिहासिक निर्णय से मंदिर परिसर में उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला और बड़ी संख्या में भक्तों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया।







