वसई। वसई गांव स्थित डीएम पेटीट अस्पताल में कार्यरत दो वरिष्ठ लिपिकों की पिछले लगभग 20 वर्षों से बदली नहीं होने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, अनंत सालवी और जया भाठी वर्ष 2005 से इसी अस्पताल में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत हैं।
नियमित तबादले को लेकर उठ रहे सवाल
सरकारी विभागों में कर्मचारियों के नियमित तबादले की व्यवस्था होती है। ऐसे में दोनों कर्मचारियों का दो दशकों से अधिक समय तक एक ही स्थान पर बने रहना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तबादला नीति के तहत इन कर्मचारियों की बदली अब तक क्यों नहीं की गई, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
वैद्यकीय विभाग ने दी जानकारी
इस संबंध में वैद्यकीय विभाग की अधिकारी डॉ. भक्ति चौधरी के अनुसार, दोनों कर्मचारी स्थायी हैं। उनकी बदली अप्रैल माह में होने की संभावना थी, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। डॉ. चौधरी ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के स्थानांतरण का निर्णय स्थापना विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है।
स्थापना विभाग का बयान
मामले में मनपा के स्थापना विभाग के उपायुक्त अजीत मुठे के अनुसार, दोनों कर्मचारियों की बदली का प्रस्ताव प्राप्त हो चुका है और बदली की प्रक्रिया जल्द पूरी कर दी जाएगी।
पारदर्शिता की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि तबादला नीति सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होती है, तो लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों के मामले में स्पष्टता बरती जानी चाहिए। मामले में आगे की कार्रवाई पर स्थानीय स्तर पर नजर बनी हुई है।







