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वसई-विरार में अधूरी नाला सफाई और सुरक्षा दीवारों की कमी से बाढ़ का खतरा, नागरिकों ने की कार्रवाई की मांग |

June 16, 2026 5:48 PM
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वसई-विरार: मानसून के आगमन के साथ ही वसई-विरार शहर के निचले और घनी आबादी वाले इलाकों में जलभराव की आशंका को लेकर नागरिकों में चिंता है। नालों के किनारे बसे क्षेत्रों में हर साल बारिश का पानी भरने से स्थानीय लोगों का जनजीवन प्रभावित होता रहा है। इस बार भी अधूरी नाला सफाई और सुरक्षा दीवारों के अभाव को लेकर नागरिकों ने प्रशासन से समय रहते प्रभावी उपाय करने की मांग की है।

शहरीकरण के कारण बढ़ी समस्या

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण नालों के आसपास बस्तियों का विस्तार हुआ है। पिछले वर्ष नालासोपारा, वसई पूर्व और विरार पूर्व के कई निचले इलाकों में भारी जलभराव हुआ था, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। नागरिकों को आशंका है कि इस वर्ष भी ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

स्वास्थ्य और साफ-सफाई को लेकर चिंता

नागरिकों के अनुसार, जलभराव के बाद पानी की निकासी में कई घंटे लग जाते हैं। इस प्रक्रिया में कचरा, गाद और दुर्गंध फैलती है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी प्रमुख नालों की सफाई की समीक्षा की जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा दीवारों का निर्माण किया जाए।

मनपा का दावा- नाला सफाई का कार्य अंतिम चरण में

वहीं, वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) का कहना है कि शहर में नाला सफाई का कार्य लगभग अंतिम चरण में है। प्रशासन के अनुसार, विकास योजना के तहत नालों का चौड़ीकरण और गहरीकरण किया गया है। जिन क्षेत्रों से शिकायतें प्राप्त हुई थीं, वहां सफाई कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर लिया गया है।

आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन मुस्तैद

महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे ने बताया कि संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर लिया गया है। जिन स्थानों पर पानी की निकासी में दिक्कत आती है, वहां पंप लगाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने और नागरिकों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह तैयार है।

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