पालघर:
मानसून के मौसम में तेजी से फैलने वाले डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और लेप्टोस्पायरोसिस जैसी बुखारजन्य बीमारियों पर लगाम लगाने के लिए पालघर जिले में एक बड़ी पहल की गई है। जिले में ‘प्रोजेक्ट योगाध्य’ के तहत 15 दिन चलने वाले विशेष ‘बुखार निदान एवं निःशुल्क स्वास्थ्य जांच अभियान’ का आगाज हो चुका है।
यह जनहितैषी उपक्रम मुख्यमंत्री सहायता निधि एवं धर्मादाय रुग्णालय सहायता कक्ष (पालघर), सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग और जीवनसेवा फाउंडेशन के संयुक्त तत्त्वावधान में चलाया जा रहा है।

पहले ही दिन दिखा जबरदस्त उत्साह, 326 लोगों ने कराया चेकअप
इस अभियान का भव्य शुभारंभ पालघर स्थित ‘ग्रामीण रुग्णालय’ में किया गया, जहाँ स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी:
- निःशुल्क मेडिकल टेस्ट: शिविर में आए 326 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
- एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सुविधाएं: मरीजों की जरूरत के हिसाब से ब्लड टेस्ट, एक्स-रे (X-Ray) और ईसीजी (ECG) जैसी जांचें पूरी तरह मुफ्त की गईं।
- चिकित्सकीय परामर्श: डॉक्टरों द्वारा मरीजों को समय पर सही उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय सलाह प्रदान की गई।
‘अर्ली फीवर डिटेक्शन’ पर फोकस

बरसात के दिनों में अचानक बढ़ने वाले मौसमी बुखार और गंभीर संक्रमणों को रोकने के लिए यह अभियान ‘अर्ली फीवर डिटेक्शन’ (समय पर बुखार की पहचान) और ‘अर्ली इंटरवेंशन’ (त्वरित उपचार) की रणनीति पर आधारित है।
आगामी 15 दिनों तक जिले की विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं और प्राथमिक आरोग्य केंद्रों पर तय शेड्यूल के अनुसार विशेष हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को उनके घर के पास ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं मिल सकेंगी।
समय पर इलाज से मजबूत होगी स्वास्थ्य व्यवस्था
प्रशासकीय टीम का मानना है कि समय पर बीमारियों की पहचान होने से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा और अस्पतालों पर अचानक पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
“नागरिकों को मौसमी बीमारियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। हमारी अपील है कि सभी लोग अपने और अपने परिवार के बेहतर स्वास्थ्य के लिए इन निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का बढ़-चढ़कर लाभ उठाएं।” — मुख्यमंत्री सहायता निधि एवं धर्मादाय रुग्णालय सहायता कक्ष, पालघर





