वसई:
वसई-विरार शहर के फेरीवालों के हक और अधिकारों की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। ‘फेरीवाले बचाव संघर्ष समिति’ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 5 अगस्त 2026 को वसई-विरार महानगरपालिका मुख्यालय पर एक बड़े और निर्णायक मोर्चे का ऐलान किया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी जायज मांगों पर प्रशासन से लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई नहीं मिलती, आंदोलन का रुख और सख्त होगा।
सुबह 10 बजे विरार जकात नाका से शुरू होगा मोर्चा
समिति द्वारा तय की गई रूपरेखा के अनुसार, यह प्रदर्शन 5 अगस्त को सुबह 10:00 बजे विरार जकात नाका से प्रारंभ होगा और सुबह 11:00 बजे महानगरपालिका मुख्यालय पहुंचेगा। हालांकि यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन इसमें हजारों की संख्या में फेरीवाले जुटकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाएंगे।
प्रशासन की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
फेरीवाले बचाव संघर्ष समिति ने स्थानीय प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं:
- वर्ष 2014 के बाद से आज तक फेरीवालों का कोई नया सर्वे नहीं कराया गया है।
- अधिकांश पात्र फेरीवालों को पहचान पत्र और विक्रय प्रमाणपत्र (Vending Certificates) जारी नहीं किए गए।
- शहर में फेरीवालों से अवैध वसूली, मनमानी कार्रवाई और बिना किसी पुनर्वास के दुकानें हटाने जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
“बिना पुनर्वास कार्रवाई और अवैध वसूली के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई होगी। जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।”
— फेरीवाले बचाव संघर्ष समिति
फेरीवालों की प्रमुख मांगें
समिति ने महानगरपालिका प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों की सूची रखी है:
- तत्काल सर्वे व प्रमाणपत्र: सभी फेरीवालों को तुरंत पहचान पत्र और विक्रय प्रमाणपत्र दिए जाएं तथा 2014 से लंबित नया सर्वे शुरू हो।
- टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन: कानून के तहत ‘टाउन वेंडिंग कमेटी’ का तुरंत गठन किया जाए।
- अवैध वसूली पर रोक: फेरीवालों से होने वाली अनधिकृत वसूली पर तुरंत नकेल कसी जाए।
- सामान जब्ती और बेदखली बंद हो: जब तक उचित पुनर्वास नहीं होता, तब तक फेरीवालों को हटाने या उनका सामान जब्त करने की मनमानी कार्रवाई रोकी जाए।
समिति की चेतावनी और नेतृत्व
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि मनपा प्रशासन ने लिखित में आश्वासन नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में बैठकों और लोकतांत्रिक माध्यमों से आंदोलन को पूरे शहर में और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस आंदोलन का नेतृत्व समिति की अध्यक्ष रुपाली पवार, सचिव शेरू वाघ, उपाध्यक्ष श्रीराज घोणे और कोषाध्यक्ष आकाश गुप्ता कर रहे हैं। समिति ने शहर के सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों और फेरीवालों से बड़ी संख्या में मोर्चे में शामिल होने की अपील की है।











