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मुंबई मेयर रितू तावड़े पर भड़कीं किशोरी पेडणेकर: पूछा- किस अधिकार से रद्द किया 2.89 करोड़ का टेंडर? |

August 6, 2026 3:15 PM
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मुंबई महानगरपालिका (BMC) में मेयर के आधिकारिक बंगले के जीर्णोद्धार से जुड़ा टेंडर विवाद अब गहराता जा रहा है। बीएमसी की विपक्षी नेता किशोरी पेडणेकर ने मेयर रितू तावड़े पर तीखा हमला बोलते हुए उनके अधिकार क्षेत्र और प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पेडणेकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बीएमसी नियमों के तहत मेयर के पास किसी भी टेंडर को रद्द करने का अधिकार ही नहीं है, फिर किस आधार पर यह फैसला लिया गया?

‘सुविधाओं तक सीमित रह गईं मेयर, हो रही टैक्सपेयर्स के पैसों की बर्बादी’ प्रेस प्रतिनिधियों से बात करते हुए किशोरी पेडणेकर ने आरोप लगाया कि मेयर केवल सरकारी गाड़ी, नौकर-चाकर और बंगले जैसी सुविधाओं का लुत्फ उठाने में उलझकर रह गई हैं। भायखला स्थित वीरमाता जिजाबाई भोसले उद्यान (चिड़ियाघर परिसर) में मौजूद हेरिटेज श्रेणी के मेयर आवास के रख-रखाव के नाम पर मुंबईकरों के टैक्स के पैसों की पानी की तरह बर्बादी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बंगले का रेनोवेशन, पर्सनल असिस्टेंट का मानदेय और लग्जरी कार खरीदी जैसे फिजूलखर्चों के चलते जनता में पहले से ही नाराजगी है। अब 2 करोड़ 89 लाख रुपये के नए रेनोवेशन टेंडर ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है।

प्रशासन की भूमिका और प्रक्रिया पर उठाए सवाल पेडणेकर ने कहा कि किसी काम का बजट तय करना, टेंडर निकालना या उसे रद्द करना पूरी तरह से प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इस विवादास्पद मामले पर प्रशासन को जवाब देना चाहिए था, लेकिन मेयर खुद सामने आकर सफाई दे रही हैं, जिससे आशंकाओं को और बल मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया, “आज बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेयर ने खुद टेंडर रद्द करने का ऐलान करके क्या साबित करने की कोशिश की? क्या उन्हें इतनी सी बात भी मालूम नहीं कि नियमों के मुताबिक टेंडर रद्द करने की शक्ति मेयर के पास नहीं होती?”

‘मेयर पूरे मुंबई की हैं, किसी एक पार्टी की नहीं’ विपक्षी नेता ने अंदेशा जताया कि क्या मेयर रितू तावड़े को जानबूझकर फंसाने और बदनाम करने की साजिश रची जा रही है? उन्होंने मेयर को सलाह दी कि उन्हें सबसे पहले इस बात की जांच करानी चाहिए। साथ ही, किसी भी बड़े फैसले से पहले उन्हें सदन के नेता, विपक्ष के नेता और सभी पार्टी नेताओं (गटनेताओं) को विश्वास में लेना चाहिए। पेडणेकर ने याद दिलाया कि मेयर पद पर बैठा व्यक्ति किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे मुंबई शहर का प्रतिनिधित्व करता है।

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