परभणी: मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रणेता मनोज जरांगे पाटील की सख्त नाराजगी और चेतावनी के बावजूद रविवार को परभणी में शिवसेना द्वारा आयोजित भव्य किसान सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सांसद संजय जाधव की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में दिनभर सरगर्मी बनी रही।
जरांगे की चेतावनी के बाद भी हुआ आयोजन
मनोज जरांगे पाटील ने सम्मेलन के आयोजन पर कड़ा एतराज जताते हुए सांसद संजय जाधव को चेतावनी दी थी। इसके बावजूद कार्यक्रम तय समय पर आयोजित किया गया। जरांगे पाटील के अनशन के दूसरे दिन हुए इस घटनाक्रम के बाद हर किसी की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि उपमुख्यमंत्री शिंदे मंच से क्या रुख अपनाते हैं।
मराठा आरक्षण पर एकनाथ शिंदे का रुख
सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि वे किसी पर टीका-टिप्पणी करने नहीं आए हैं। अंतिम समय में इतने बड़े कार्यक्रम को रद्द करना संभव नहीं था।
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सरकार की नीति स्पष्ट करते हुए शिंदे ने कहा:
- महायुति सरकार मराठा समाज को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
- किसी भी अन्य वर्ग (OBC आदि) के मौजूदा आरक्षण को प्रभावित किए बिना मराठा समाज को टिकाऊ आरक्षण दिया जाएगा।
- वे मनोज जरांगे पाटील की समाज के प्रति तड़प और गहरी भावनाओं का पूरा सम्मान करते हैं।
- सरकार के वरिष्ठ मंत्री लगातार जरांगे पाटील से संवाद बनाए हुए हैं।
सांसद संजय जाधव ने मांगी माफी
कार्यक्रम के आयोजक और सांसद संजय जाधव ने भी मनोज जरांगे पाटील की भावनाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए खेद जताया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में हजारों लोग जुट चुके थे और अचानक इसे रद्द करने से लोगों में असंतोष फैल सकता था। जाधव ने स्पष्ट किया कि यदि उनके इस आयोजन से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे इसके लिए सहृदय क्षमाप्रार्थी हैं।
कार्यक्रम स्थल पर जमकर हुई नारेबाजी
उपमुख्यमंत्री शिंदे के मंच पर पहुंचते ही कुछ मराठा आंदोलनकारी आक्रामक हो गए और उन्होंने ‘एक मराठा, लाख मराठा’ के जोरदार नारे लगाने शुरू कर दिए। शिंदे के भाषण के दौरान भी नारेबाजी जारी रही, जिसके बाद एहतियात के तौर पर पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।











