मुंबई: गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच मुंबई में ध्वनिक्षेपक (लाउडस्पीकर) के इस्तेमाल को लेकर अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मुंबई उपनगर जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, इस साल गणेशोत्सव के दौरान केवल चार चुनिंदा दिनों में ही रात 12 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने की छूट दी गई है। हालांकि, इस निर्णय पर गणेशोत्सव मंडलों ने असंतोष जाहिर करते हुए छूट का दायरा बढ़ाने की मांग उठाई है।
विसर्जन के दिनों में ही रात 12 बजे तक की छूट
प्रशासन की ओर से तय की गई तिथियों के मुताबिक, निम्नलिखित चार दिनों में सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा सकेगा:
- गणेशोत्सव का दूसरा दिन: 15 सितंबर 2026 (मंगलवार)
- पांचवां दिन: 18 सितंबर 2026 (शुक्रवार)
- गौरी विसर्जन: 19 सितंबर 2026 (शनिवार)
- अनंत चतुर्दशी: 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार)
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक और दिन की मांग
गणेशोत्सव समन्वय समिति के अध्यक्ष एडवोकेट नरेश दहिबावकर का कहना है कि प्रशासन द्वारा तय किए गए चारों दिन मुख्य रूप से मूर्ति विसर्जन से जुड़े हैं। विसर्जन की व्यस्तता के कारण मंडलों को अपने स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इसीलिए समिति ने मांग की है कि मंडलों को सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए अलग से एक अतिरिक्त दिन रात 12 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दी जानी चाहिए।
नियम और कानूनी ढांचा
बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों और ध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत जिलाधिकारी कार्यालय को वर्ष में कुल 15 विशेष दिनों के लिए लाउडस्पीकर की समय सीमा रात 12 बजे तक बढ़ाने का अधिकार प्राप्त है। मुंबई उपनगर प्रशासन ने अपने 15 दिनों के कोटे में से 13 दिनों की घोषणा कर दी है, जिनमें से 4 दिन गणेशोत्सव के लिए आरक्षित किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छूट वाले दिनों में भी निर्धारित ध्वनि सीमा (डेसिबल लिमिट) का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा।
अब देखना यह होगा कि गणेशोत्सव समन्वय समिति की इस याचिका पर प्रशासन क्या अंतिम रुख अपनाता है।











