महाराष्ट्र सरकार के राजस्व विभाग ने भिवंडी के युवा एवं कर्मठ तहसीलदार अभिजीत खोले को ‘आदर्श तहसीलदार’ सम्मान देने की घोषणा की है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार राज्य सरकार द्वारा उत्कृष्ट, पारदर्शी और लोकाभिमुख प्रशासकीय कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रदान किया जाता है। ठाणे जिले में अपनी गतिमान और जन-केंद्रित कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले अभिजीत खोले ने प्रशासनिक सेवाओं को आम जनता तक सीधे पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
‘घोंगडी बैठक’ से घर-घर पहुँचीं सरकारी सेवाएँ
जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, आरडीसी डॉ. संदीप माने और भिवंडी के एसडीओ अमित सानप के कुशल मार्गदर्शन में तहसीलदार अभिजीत खोले ने ग्रामीण क्षेत्रों में जनसेवा के नए आयाम स्थापित किए। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं का उनके द्वार पर ही समाधान करने के लिए ‘घोंगडी बैठक’ जैसे अनोखे उपक्रम की शुरुआत की। इस पहल के माध्यम से सड़क, पेयजल, बिजली और राजस्व से जुड़ी लंबे समय से लंबित शिकायतों का त्वरित और सकारात्मक निपटारा किया गया।
बाल मजदूरी और रेत माफिया पर कड़ा प्रहार
भिवंडी क्षेत्र में ‘महा राजस्व अभियान’ और ‘छत्रपति शिवाजी महाराज महसूल समाधान शिविर’ के जरिए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया गया। इसके अतिरिक्त, अभिजीत खोले ने क्षेत्र में सक्रिय रेत माफियाओं पर नकेल कसने, मासूम बच्चों को बंधुआ मजदूरी के दलदल से मुक्त कराने और राजस्व संबंधी जनसमस्याओं के समाधान के लिए साहसिक व प्रभावी कदम उठाए हैं। उनके इन्हीं उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें इस राज्यस्तरीय सम्मान से नवाजा गया है।











