---Advertisement---

भिवंडी में बड़ा हादसा: खतरनाक घोषित ‘कोहिनूर इमारत’ ढही, 9 लोगों की मौत; देर रात चल रहा था मरम्मत का काम |

July 31, 2026 1:40 PM
---Advertisement---

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक बार फिर जर्जर इमारतों की लापरवाही ने मासूमों की जान ले ली है। भिवंडी के नारपोली क्षेत्र स्थित बालाजी नगर, गंगाराम वाड़ी में गुरुवार देर रात ‘कोहिनूर इमारत’ का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों के शव मलबे से बाहर निकाले जा चुके हैं। घटना के बाद से ही राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

मनपा की कार्रवाई के डर से रात में हो रही थी मरम्मत

स्थानीय सूत्रों और निवासियों के अनुसार, कोहिनूर इमारत को भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका (BNMC) द्वारा काफी समय पहले ही अत्यंत खतरनाक (जर्जर) घोषित कर दिया गया था। इसके बावजूद इमारत में चोरी-छिपे मरम्मत का काम चलाया जा रहा था। मनपा की टीम और कार्रवाई से बचने के लिए ठेकेदार व मकान मालिक द्वारा देर रात काम कराया जा रहा था। आशंका जताई जा रही है कि मरम्मत के दौरान पिलर या संरचनात्मक बदलावों के कारण इमारत का संतुलन बिगड़ गया और बी-विंग समेत पूरी इमारत देखते ही देखते ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

हादसे से पहले आ रही थीं अजीब आवाजें

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रात करीब 8 से 9 बजे के बीच इमारत से अचानक चटकने और अजीब आवाजें आने लगी थीं। भांपकर स्थानीय लोगों की मदद से कुछ परिवारों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, कुछ लोग अपना कीमती सामान निकालने और मजदूर देर रात तक मरम्मत के काम में ही व्यस्त रहे। आखिरकार रात लगभग 11 बजे के बाद एक जोरदार धमाके के साथ इमारत ढह गई। कुल 48 कमरों वाली इस इमारत में कई परिवार रह रहे थे।

NDRF और रेस्क्यू टीम मौके पर मौजूद

हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ (NDRF), फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। मलबे में दबे लोगों को खोजने के लिए जेसीबी मशीनों, डॉग स्क्वॉड और आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता मलबे के नीचे दबे हर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है।

प्रशासन की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

इस भीषण हादसे के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों में भारी आक्रोश है। सवाल उठ रहे हैं कि जब इमारत को आधिकारिक तौर पर ‘खतरनाक’ घोषित कर दिया गया था, तो उसे समय रहते खाली क्यों नहीं कराया गया? इसके अलावा, अवैध रूप से रात के अंधेरे में मरम्मत कार्य कैसे चल रहा था?

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा दुख जताया है और मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने महानगरपालिका प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि जांच के बाद दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। भिवंडी में जर्जर इमारतों का इतिहास पुराना रहा है, और इस हादसे ने प्रशासनिक निगरानी तंत्र पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories

Leave a Comment