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मुंबई के प्रतिष्ठित ताज आर्ट गैलरी में ‘कला संवाद’ की 4वीं समूह कला प्रदर्शनी का शानदार आयोजन; 23 कलाकारों की कृतियों ने मोहा मन |

August 21, 2026 2:33 PM
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कला के क्षेत्र में अपनी खास पहचान बना चुकी संस्था ‘कला संवाद’ की 4वीं एक-दिवसीय समूह कला प्रदर्शनी 21 अगस्त 2026 को मुंबई स्थित द ताज महल पैलेस के प्रतिष्ठित ‘ताज कला दीर्घा’ में संपन्न हुई। इस भव्य आयोजन में देशभर के 23 नामचीन और उभरते कलाकारों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनी में पेंटिंग, सुलेख (कैलिग्राफी), मूर्तिकला और समकालीन कला के उत्कृष्ट नमूनों को प्रदर्शित किया गया, जिसे देखने कला प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी।

प्रदर्शनी का आयोजन और परिकल्पना इस कला प्रदर्शनी का कुशल आयोजन ‘कला संवाद’ के संस्थापक राजकुमार शर्मा द्वारा किया गया। ललित कला में स्नातकोत्तर नंदकिशोर थोरात ने बतौर कला-परिरक्षक (क्यूटर) इस पूरी प्रदर्शनी को कलात्मक दिशा दी। वहीं, हर्षित आर. शर्मा ने कार्यक्रम की रचनात्मक रूपरेखा तैयार की और जगदीश पी. पुरोहित ने मंच का सफल संचालन किया।

अंतरराष्ट्रीय अतिथियों की मौजूदगी में हुआ उद्घाटन प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि बेलारूस गणराज्य के महावाणिज्यदूत अलेक्जेंडर मात्सुकोव ने किया। इस दौरान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई के अध्यक्ष डॉ. विजय जी. कलांत्री विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा, कला, उद्योग, शिक्षा और सिविल सेवाओं से जुड़ी कई दिग्गज हस्तियां भी इस मौके पर पहुंचीं, जिनमें पद्मश्री प्रेमजीत बरिया, जहांगीर आर्ट गैलरी के अध्यक्ष आदि एच. जहांगीर, एचएसबीसी बांग्लादेश के सीओओ देवेश माथुर और सीमा शुल्क आयुक्त (आईआरएस) राजेश धाबरे प्रमुख थे।

23 कलाकारों ने दिखाई अपनी रचनात्मकता इस प्रदर्शनी में पद्मश्री प्रेमजीत बरिया, पद्मश्री अच्युत पालव, डॉ. वैशाली डोंगरी, देबोलिना साहा, नंदकिशोर थोरात, यशिका धाबरे, माधवी जोशी, नंदा पाठक, सुशील एन. घुम्बरे, गणेश ए. होनमुखे, बंसु शाह सोमपुरा, काशिश राज चंद्रा, रीना एम. शाह, रीना जैन खटेड, हर्षा, सपना केडिया, नीतु लखन सिंह, रिया, मरियम अस्सी, प्रवीणचंद्र सरवाड़े, दुर्वा छाबड़िया, प्रदीप जे. राणे और खत्री बशीरहेमदा की कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया।

कलाकारों और कला प्रेमियों के लिए एक साझा मंच ‘कला संवाद’ की यह चौथी प्रदर्शनी न केवल कला की विविधता को दर्शाने में सफल रही, बल्कि इसने नए व अनुभवी कलाकारों को कला संग्राहकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से सीधे जुड़ने का एक गरिमापूर्ण मंच भी प्रदान किया। इस आयोजन ने मुंबई के सांस्कृतिक और कलात्मक परिदृश्य को एक नई ऊर्जा दी है।

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