पालघर: पालघर जिले में सरकारी और निजी जमीनों पर पनप रहे अवैध निर्माणों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ राजस्व प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। वसई तहसील के अंतर्गत आने वाले मौजे मोरी क्षेत्र में बीते 1 सितंबर को प्रशासन का चाबुक चला, जिसके तहत 574 अवैध मकानों, दुकानों और ढांचों को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इलाके में बचे हुए अनधिकृत निर्माणों पर भी यह निष्कासन अभियान चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
अवैध रूप से खड़ी की गई थीं आवासीय व औद्योगिक इमारतें पालघर की जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ के कड़े निर्देशों पर यह कार्रवाई नियोजित शहरी विकास और सार्वजनिक हितों की रक्षा के लिए की जा रही है। जिला प्रशासन को शिकायतें मिली थीं कि मोरी स्थित सर्वे नंबर 16/2/1, 31, 17/3, 37, 13/1/1, 13/1/2, 16/4/3, 13/2 और 29/3 की जमीनों पर बिना किसी मंजूरी के बड़े पैमाने पर आवासीय, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल अवैध निर्माण खड़े कर लिए गए थे।
नो-टॉलरेंस नीति: नोटिस के बाद की गई सख्त कार्रवाई इन सभी अवैध ढांचों के खिलाफ ‘महाराष्ट्र प्रादेशिक एवं नगर नियोजन अधिनियम, 1966’ की धारा 52(1) के तहत कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई थी। प्रशासन ने 14 अगस्त 2026 को धारा 53 के तहत संबंधित जमीन मालिकों और कब्जाधारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उनसे जमीन के मालिकाना हक, मंजूर नक्शा (Approved Plan) और निर्माण की कानूनी अनुमति प्रस्तुत करने को कहा गया था। तय समयसीमा में कोई भी पुख्ता कानूनी दस्तावेज पेश न किए जाने पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर इन्हें ध्वस्त करने का फैसला लिया।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चले पोकलेन और जेसीबी कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना और कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए भारी महिला और पुरुष पुलिस बल को तैनात किया गया था। स्थानीय तलाठी और मंडल अधिकारियों की मौजूदगी में पोकलेन व जेसीबी मशीनों की मदद से देखते ही देखते 574 अवैध निर्माणों को धराशायी कर दिया गया।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी बहकावे में आकर बिना सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति के सरकारी या निजी जमीन पर निर्माण न करें, अन्यथा सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई तय है।











