दहीहंडी में घायल गोविंदाओं को डिस्चार्ज कराने को लेकर विवाद, शिवसेना पदाधिकारियों समेत 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
पालघर: शहर के रिलीफ हॉस्पिटल में दहीहंडी उत्सव के दौरान घायल हुए गोविंदाओं को डिस्चार्ज कराने को लेकर आधी रात के बाद हंगामा होने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों के साथ कथित गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने के अलावा ICU में जबरन प्रवेश करने के आरोप में शिवसेना के पदाधिकारियों समेत 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पांच घायल गोविंदा अस्पताल में भर्ती थे
पुलिस के अनुसार, दहीहंडी उत्सव के दौरान घायल हुए पांच गोविंदाओं को उपचार के लिए रिलीफ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। देर रात गोविंदा पथक से जुड़े कुछ लोगों ने मरीजों को डिस्चार्ज करने की मांग की।
अस्पताल की ओर से उपचार का कुल बिल 19,866 रुपये बताया गया था। इसमें से 10 हजार रुपये जमा किए जाने के बाद भी विवाद बढ़ने की बात पुलिस रिकॉर्ड में सामने आई है।
डॉक्टरों से बहस और रिसेप्शनिस्ट से मारपीट का आरोप
आरोप है कि इसके बाद शिवसेना जिलाप्रमुख कुंदन संख्ये, शहरप्रमुख राहुल घरत समेत अन्य लोग आपातकालीन विभाग में पहुंचे और डॉक्टरों से बहस करने लगे।
विवाद को शांत कराने का प्रयास कर रहे रिसेप्शनिस्ट के साथ कथित तौर पर मारपीट किए जाने का भी आरोप है।
ICU में प्रवेश और घायल गोविंदा की सलाइन निकालने का आरोप
मामले में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद कुछ लोग ICU में जबरन प्रवेश कर गए और वहां मौजूद नर्स को धमकाया।
साथ ही घायल गोविंदा की सलाइन निकालकर उसे अस्पताल से बाहर ले जाने का भी आरोप लगाया गया है।
17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने मामले में विधायक राजेंद्र गावित के पुत्र रोहित गावित समेत कुल 17 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र वैद्यकीय सेवा-संरक्षण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, घटना से संबंधित मारपीट और हंगामे की तस्वीरें अस्पताल के CCTV कैमरों में कैद होने की बात सामने आई है।
PSI विनय केसरकर के नेतृत्व में जांच
पालघर पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। PSI विनय केसरकर के नेतृत्व में जांच जारी है। घटना के बाद स्थानीय चिकित्सा क्षेत्र में नाराजगी व्यक्त किए जाने की बात सामने आई है।
रिपोर्टर: Tripti Pramaan











