पालघर जिले के वाडा क्षेत्र में शनिवार (4 जुलाई 2026) को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने एक घायल औद्योगिक कामगार को उचित मुआवजा और न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। टीना रबर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी के मुख्य गेट के सामने हुए इस धरने में भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए।
औद्योगिक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ कर्मचारी
पार्टी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, टीना रबर कंपनी में हेल्पर के पद पर कार्यरत 29 वर्षीय एकनाथ अनंत तल्हा (आदिवासी वारली समुदाय से संबंधित) 22 जून 2026 को एक औद्योगिक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आरोप है कि सुबह करीब 4 बजे सुपरवाइजर ने उन्हें जबरन ड्राइविंग का कार्य सौंपा, जिसके दौरान फोर्कलिफ्ट मशीन दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में उनके दाहिने पैर की दो उंगलियां गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। फिलहाल उनका इलाज आइडियल हॉस्पिटल में चल रहा है।
कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप
CPI का आरोप है कि दुर्घटना के बाद कंपनी प्रबंधन ने न तो घायल कर्मचारी के इलाज का खर्च उठाया और न ही कोई मुआवजा प्रदान किया। पार्टी ने कंपनी पर घटना की आंतरिक जांच न करने और अपनी जिम्मेदारी स्वीकार न करने का भी आरोप लगाया है।
बारिश में प्रदर्शन और प्रशासनिक हस्तक्षेप
धरने का नेतृत्व CPI के जिला सचिव सुनील पाटील और जिला परिषद सदस्य शेरू वाघ ने किया। वाडा पुलिस निरीक्षक दत्तात्रेय केंद्रे और कंपनी प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि कंपनी इलाज का पूरा खर्च वहन करे और पीड़ित को उचित मुआवजा दे।
श्रम विभाग की कार्रवाई और धरना स्थगित
मामले के गंभीर होते देख पालघर के श्रम उपायुक्त ने हस्तक्षेप किया है। श्रम विभाग ने मंगलवार को कंपनी और पीड़ित कर्मचारी दोनों को सुनवाई के लिए तलब किया है। इसके साथ ही, पीड़ित की शिकायत के आधार पर संबंधित थाने में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार जांच जारी है। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने फिलहाल अपना धरना आंदोलन स्थगित कर दिया है।





