20 दिनों से जारी धरना प्रदर्शन, मछुआरों और आदिवासियों के साथ खड़ी हुई कांग्रेस महाराष्ट्र के पालघर जिले में प्रस्तावित वाढवण बंदर परियोजना के खिलाफ स्थानीय जनता का विरोध अब और तेज हो गया है। डहाणू के वरोर इलाके में पिछले 20 दिनों से जारी शांतिपूर्ण धरना आंदोलन को महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस ने अपना औपचारिक और पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है। रविवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन स्थल का दौरा किया और धरने पर बैठे नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना।
स्थानीय नेतृत्व ने जाना आंदोलनकारियों का हाल आंदोलन स्थल पर पालघर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन सत्यम ठाकूर, डहाणू तालुका कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा वैद्य और वरिष्ठ नेता नामदेव पाटील पहुंचे। उन्होंने स्थानीय मछुआरों, किसानों, आदिवासियों, स्थानीय व्यापारियों और युवाओं से मुलाकात की। नेताओं ने समझा कि किस तरह यह प्रोजेक्ट स्थानीय लोगों के जीवन, रोज़ी-रोटी और समुद्री पारिस्थितिकी के लिए खतरा बन सकता है।
संसद से लेकर राज्य तक उठेगी आवाज, राहुल गांधी को भी भेजा जाएगा मुद्दा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलन को पार्टी का समर्थन देने की पुष्टि की है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस संवेदनशील मुद्दे को राज्य विधानसभा में प्रमुखता से उठाएगी। इसके अलावा, स्थानीय जनता के अधिकारों और आजीविका की रक्षा के लिए इस पूरे विषय को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के समक्ष भी रखा जाएगा।
“जल, जंगल और जमीन की कीमत पर मंजूर नहीं विकास” कांग्रेस नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी देश या राज्य के विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन यदि विकास की कीमत स्थानीय आदिवासियों, मछुआरों की आजीविका और पर्यावरण का विनाश करके चुकाई जा रही हो, तो ऐसा विकास स्वीकार्य नहीं होगा। पार्टी स्थानीय निवासियों के अधिकारों की लड़ाई में अंतिम समय तक उनके साथ खड़ी रहेगी।











