---Advertisement---

महाराष्ट्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला: 36,585 करोड़ रुपये की कर्जमाफी, 56 लाख किसानों को मिलेगा सीधा लाभ |

June 22, 2026 2:54 PM
---Advertisement---

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के अन्नदाताओं को बड़ी राहत देते हुए 36,585 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक कर्जमाफी योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि यह महाराष्ट्र के इतिहास की सबसे बड़ी कर्जमाफी है, जिसका सीधा लाभ लगभग 56 लाख किसानों को मिलेगा। उन्होंने强调 किया कि यह फैसला कोई राजनीतिक हथकंडा नहीं, बल्कि आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को वास्तविक राहत पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास है।

किसानों की आर्थिक स्थिति होगी मजबूत

विधानमंडल के मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें भविष्य में पुनः ऋण प्राप्त करने योग्य (Credit-worthy) बनाना है। कर्जमाफी के मानदंड विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर तय किए गए हैं। योजना के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्रियों और अन्य मंत्रियों को शामिल कर एक उच्च स्तरीय उपसमिति का भी गठन किया गया है।

महिला किसानों को मिलेगा कानूनी दर्जा

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि आगामी मानसून सत्र में सरकार लगभग 10 महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। इनमें सबसे अहम विधेयक महिला किसानों को कानूनी रूप से ‘किसान’ का दर्जा देने से संबंधित है। इस कानून के लागू होने के बाद महिला किसानों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और सुविधाओं का लाभ उठाने में कोई बाधा नहीं आएगी। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने भी महिला किसानों को सम्मान और अधिकार दिलाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

कमजोर मानसून को लेकर किसानों को सलाह

राज्य में मानसून की धीमी चाल पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों से जल्दबाजी में बुवाई न करने की अपील की है। जून महीने में अब तक सामान्य से करीब 80 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 जून के बाद कोंकण में बारिश का जोर बढ़ सकता है, लेकिन विदर्भ और मराठवाड़ा को पर्याप्त बारिश के लिए अभी इंतजार करना होगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने क्षेत्रों में कम से कम 100 मिमी बारिश होने के बाद ही बीजारोपण करें।

उपमुख्यमंत्रियों का बयान और अन्य अहम विधेयक

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य की तिजोरी पर सबसे पहला अधिकार किसानों का है और सरकार उनकी भलाई के लिए हमेशा कटिबद्ध है। वहीं, मानसून सत्र में कर्जमाफी के अलावा अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग में उपाध्यक्ष पद का सृजन, रोजगार गारंटी कानून, महानगरपालिका कानून, निजी कौशल विश्वविद्यालय और जीएसटी संशोधन जैसे अहम विधेयकों पर भी चर्चा और निर्णय होने की संभावना है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories

Leave a Comment