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नागपुर एयरपोर्ट का जीएमआर को हस्तांतरण: विदर्भ और मध्य भारत के विकास का बनेगा इंजन, मुख्यमंत्री फडणवीस |

June 26, 2026 7:09 AM
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नागपुर: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का प्रबंधन अब जीएमआर कंपनी को सौंप दिया गया है। इस हस्तांतरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नागपुर एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में नागपुर, विदर्भ और पूरे मध्य भारत के आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बनेगा।

ऐतिहासिक फैसला: जीएमआर को सौंपा गया एयरपोर्ट

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए वर्ष 2018 में निविदा प्रक्रिया शुरू की गई थी। कुछ कानूनी प्रक्रियाओं के बाद, केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से इस परियोजना को अंतिम मंजूरी मिली। समारोह के दौरान जीएमआर के कमर्शियल चेयरमैन जी.बी.एस. राजू और मिहान इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. विपीन इटनकर ने हस्तांतरण की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की। इस मौके पर एयरपोर्ट की नई वेबसाइट और प्रतीक चिह्न का भी अनावरण किया गया।

विकास की नई उड़ान: 2029 तक पूरे होंगे काम

फडणवीस ने बताया कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट पर दो टर्मिनल और दो रनवे विकसित किए जाएंगे। बेहतर सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले एक वर्ष में यात्रियों को एयरपोर्ट की सुविधाओं में बड़ा बदलाव दिखाई देगा और वर्ष 2029 तक सभी विकास कार्य पूर्ण हो जाएंगे। राज्य सरकार की ओर से मिहान और एमआईडीसी क्षेत्र में आवश्यक भूमि और हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

कार्गो हब और रोजगार के नए अवसर

कार्यक्रम में शामिल केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसे नागपुर और विदर्भ के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उनका कहना है कि एयरपोर्ट के विकास से नागपुर एक बड़े कार्गो हब के रूप में उभरेगा, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और खनिज आधारित उद्योगों को भी नई ऊर्जा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने भी कहा कि मेंटेनेंस कमांड, ऑटो एविएशन और डिफेंस एविएशन मैन्युफैक्चरिंग में बड़े निवेश से उद्योग, कृषि और रोजगार को नई गति मिलेगी।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर होगा फोकस

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि यह विदर्भ के विकास की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता 30 लाख है, जिसे बढ़ाकर 60 लाख किया जाएगा और भविष्य में 3 करोड़ यात्रियों की क्षमता का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने नागपुर को दुबई, सिंगापुर, यूरोप और अमेरिका जैसे प्रमुख वैश्विक गंतव्यों से सीधे जोड़ने वाली उड़ानों को प्राथमिकता देने की भी बात कही।

इस समारोह में केंद्रीय मंत्रियों के अलावा कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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