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नालासोपारा में बड़ा हादसा टला: जर्जर होने की आशंका के बाद दुर्गेश्वरी अपार्टमेंट खाली, 65 परिवारों को सुरक्षित निकाला गया |

July 17, 2026 2:59 PM
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नालासोपारा: विरार के रमाबाई अपार्टमेंट हादसे के करीब 11 महीने बाद वसई-विरार क्षेत्र में एक और संभावित बड़ा इमारत हादसा टल गया है। नालासोपारा पूर्व के ओम नगर इलाके में स्थित लगभग 10 साल पुरानी ‘दुर्गेश्वरी अपार्टमेंट’ की सी-विंग (C-Wing) में सुरक्षा संबंधी गंभीर आशंकाओं के चलते प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरी विंग को खाली करा लिया है।

फायर ब्रिगेड ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन, स्कूल में ठहराए गए लोग

मिली जानकारी के मुताबिक, इस इमारत की सी-विंग में कुल 65 फ्लैट्स हैं, जिनमें से एक फ्लैट पहले से ही बंद था। जैसे ही इमारत के असुरक्षित होने की सूचना मिली, फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। एहतियात के तौर पर टीम ने सभी 64 फ्लैट्स के रहवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रभावित परिवारों के रहने और खाने की अस्थायी व्यवस्था स्थानीय नवजीवन स्कूल में की गई है।

मनपा ने जारी किया C2A श्रेणी का नोटिस

इस घटना के तुरंत बाद वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर इमारत का बारीकी से निरीक्षण किया। मनपा प्रशासन ने शुक्रवार को कड़ा रुख अपनाते हुए इस इमारत को सी-2ए (C2A) श्रेणी का नोटिस जारी कर दिया है, जिसका मतलब है कि इमारत बिना मरम्मत के रहने योग्य नहीं है।

आधी अधूरी मरम्मत बनी परेशानी की वजह?

स्थानीय निवासियों के अनुसार, महानगरपालिका ने करीब एक साल पहले भी इस इमारत की मरम्मत (Structural Repair) के लिए नोटिस जारी किया था। इसके बाद सोसायटी ने सक्रियता दिखाते हुए ए (A) और बी (B) विंग की मरम्मत का काम तो पूरा करवा लिया, लेकिन किसी कारणवश सी-विंग का काम बीच में ही लटक गया। सोसायटी के सदस्यों ने मरम्मत के लिए जरूरी फंड भी इकट्ठा कर लिया था और मानसून खत्म होने के ठीक बाद काम शुरू करने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही यह स्थिति पैदा हो गई।

झुकने की खबरों पर विवाद: रहवासियों ने बताया अफवाह

दूसरी तरफ, इमारत में रहने वाले अनमोल कापड़े ने सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर उड़ रही इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया कि इमारत एक तरफ झुक गई है। उन्होंने दावा किया:

“बगल की इमारत की मरम्मत के दौरान उस पर मोटा प्लास्टर चढ़ाया गया है, जिसके कारण दूर से ऐसा भ्रम हो रहा है कि दोनों इमारतें आपस में सट गई हैं। पड़ोसी इमारत के कुछ लोगों के साथ गटर निर्माण को लेकर पुराना विवाद चल रहा है, जिसके चलते मनपा को जानबूझकर गलत और भ्रामक जानकारी देकर अफवाह फैलाई गई है।”

तकनीकी जांच रिपोर्ट पर टिकी नजरें

फिलहाल, किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए इमारत को पूरी तरह सील रखा है। अब वसई-विरार मनपा की विस्तृत तकनीकी और स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट (Structural Audit Report) आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि रहवासियों को दोबारा फ्लैटों में जाने की अनुमति मिलेगी या फिर इमारत पर कोई और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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