नालासोपारा:
मुंबई से सटे नालासोपारा रेलवे स्टेशन के पास से एक बेहद चौंकाने वाला और स्वास्थ्य के प्रति गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ सड़क किनारे दुकान लगाने वाले चाय विक्रेताओं को बेहद गंदे, दूषित और बदबूदार पानी से चाय की केतलियाँ और बर्तन साफ करते हुए देखा गया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों और रोजाना सफर करने वाले रेल यात्रियों में भारी आक्रोश है।
बीमारियों को न्यौता: दूषित पानी से धोए जा रहे थे बर्तन

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, चाय विक्रेता सड़क किनारे खुले में जमा गंदे पानी का इस्तेमाल बेधड़क बर्तन धोने के लिए कर रहे थे। यह न केवल खाद्य स्वच्छता (Food Hygiene) के कड़े नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि हज़ारों लोगों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ भी है। गौरतलब है कि नालासोपारा स्टेशन के पास से हर दिन हजारों की संख्या में यात्री गुजरते हैं और बिना सच्चाई जाने इन स्टॉलों से चाय और अन्य खाद्य सामग्री का सेवन करते हैं।
स्थानीय जनता में भारी आक्रोश, FDA और प्रशासन से कार्रवाई की मांग
इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भी नाराजगी है। नागरिकों ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA), वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) और संबंधित अधिकारियों से इस मामले की तुरंत जांच करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर खाने-पीने की चीजें बेचने वालों की नियमित रूप से कड़ाई से जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी जनता के स्वास्थ्य के साथ ऐसा खिलवाड़ न कर सके।
प्रशासनिक रुख और संभावित कार्रवाई
फिलहाल इस मामले पर संबंधित विभाग या नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जल्द ही जांच टीम मौके पर भेजी जा सकती है। यदि जांच में यह आरोप पूरी तरह सही पाए जाते हैं, तो दोषी चाय विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (Food Safety Act) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनके स्टॉल भी सील किए जा सकते हैं।







