पालघर. जिले के एक गांव में एक बुजुर्ग व्यक्ति के स्मशान भूमि में रहने का मामला सामने आया है. स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, यह बुजुर्ग पिछले आठ महीने से गांव की पुरानी स्मशान भूमि में ही रह रहे हैं.
परिवार ने घर से निकाला
सामाजिक कार्यकर्ताओं की मानें तो रात के समय स्मशान भूमि में आग तापते हुए इस बुजुर्ग को देखा गया. बातचीत में बुजुर्ग ने बताया कि उनके परिवार के सदस्यों ने उन्हें घर से निकाल दिया है. इसके बाद से वे इसी जगह पर रह रहे हैं. जीविकोपार्जन के लिए वे छोटा-मोटा काम करते हैं और उससे मिले पैसे से चावल खरीदकर अपना गुजारा करते हैं.
मानसून से पहले बढ़ी चिंता
बुजुर्ग के पास रहने के लिए कोई पक्का ढांचा नहीं है और उनके कपड़े भी जर्जर हैं. मानसून की शुरुआत होने वाली है, जिसके कारण उनके सामने रहने और भोजन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है.
सहायता की अपील
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले में ग्राम पंचायत और प्रशासन से संज्ञान लेने की मांग की है. उनका कहना है कि बुजुर्गों की देखभाल परिवार और समाज दोनों की नैतिक जिम्मेदारी है. स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं से ऐसे बुजुर्गों की मदद के लिए आगे आने की अपील की गई है.







