पालघर: पालघर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। प्राकृतिक आपदा की इस मार से क्षेत्र के किसानों, आम नागरिकों, दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बोईसर विधानसभा के पूर्व विधायक राजेश रघुनाथ पाटिल ने पालघर जिला कलेक्टर से मुलाकात की और एक मांग पत्र (Memorandum) सौंपकर प्रभावितों को तत्काल राहत और आर्थिक सहायता देने की पुरजोर मांग की है।
फसलों की बर्बादी का तुरंत पंचनामा कराने की मांग
पूर्व विधायक ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में कहा कि अतिवृष्टि (Heavy Rainfall) के कारण जिले के किसानों की खड़ी फसलें पूरी तरह जलमग्न होकर नष्ट हो चुकी हैं। उन्होंने मांग की कि राजस्व (Revenue) और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों को तुरंत मैदान में उतारकर फसलों का पारदर्शी पंचनामा कराया जाए, ताकि बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक भेदभाव के सभी पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा मिल सके।
बाढ़ पीड़ितों और छोटे कारोबारियों को मिले आपदा राहत
बारिश और बाढ़ के प्रकोप पर चिंता जताते हुए उन्होंने बताया कि कई गांवों में लोगों के घरों में पानी भर जाने से अनाज, कपड़े, फर्नीचर और रोजमर्रा का घरेलू सामान पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। ऐसे सभी परिवारों को तुरंत राहत सामग्री और नकद आर्थिक सहायता दी जाए।
इसके अलावा, उन्होंने पोल्ट्री व्यवसाय, छोटे-छोटे कुटीर उद्योगों और स्थानीय दुकानदारों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर उन्हें आपदा राहत योजना (Disaster Relief Scheme) के तहत मुआवजा प्रदान करने की भी अपील की।
ध्वस्त बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने पर जोर
पूर्व विधायक राजेश पाटिल ने प्रशासन का ध्यान जिले के बुनियादी ढांचे की ओर आकर्षित करते हुए मांग की कि:
- बाढ़ और बारिश से क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण सड़कों की आपातकालीन मरम्मत कराई जाए।
- तेज हवाओं से गिरे बिजली के खंभों और टूटी विद्युत लाइनों को दुरुस्त कर निर्बाध बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए।
- प्रशासन के सभी विभाग आपस में समन्वय (Coordination) बनाकर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाएं।











