पुणे: पुणे और उसके आस-पास के औद्योगिक क्षेत्रों में रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से नागरिकों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को पुणे की तीन महत्वाकांक्षी एलिवेटेड हाईवे परियोजनाओं का भव्य भूमिपूजन किया। इन प्रोजेक्ट्स के धरातल पर उतरने से पुणे का शहरी और औद्योगिक आवागमन पूरी तरह बदल जाएगा।
इन तीन प्रमुख रूटों पर बदल जाएगी सूरत:
इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत जिन तीन प्रमुख कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है, वे इस प्रकार हैं:
- पुणे-शिरूर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे: कुल 53.4 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में 35 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह एलिवेटेड (Flyover) होगा।
- तलेगांव-चाकण-शिक्रापुर एलिवेटेड हाईवे: 53.2 किलोमीटर लंबे इस औद्योगिक रूट पर 26 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हाईवे तैयार किया जाएगा।
- हडपसर-यवत एलिवेटेड हाईवे: 31 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 6-लेन का एलिवेटेड रोड और साथ में 6-लेन की सर्विस रोड बनाई जाएगी।
नए BOT मॉडल से सरकार की बंपर कमाई, बचेगा 50 मिनट का समय
भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इन परियोजनाओं से पुणे की यातायात समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा। देश में पहली बार इन परियोजनाओं के लिए एक नए BOT (Build-Operate-Transfer) मॉडल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस मॉडल के तहत सरकार को न केवल टोल से कमाई होगी, बल्कि निर्माण करने वाली कंपनियों से एडवांस में भारी राजस्व (Premium) भी मिलेगा।
इस नए मॉडल के जरिए सरकार को पुणे-शिरूर से ₹500 करोड़, तलेगांव-चाकण-शिक्रापुर से ₹300 करोड़ और हडपसर-यवत प्रोजेक्ट से ₹150 करोड़ का अग्रिम राजस्व प्राप्त होगा। इस कुल ₹950 करोड़ की राशि का सीधा उपयोग प्रभावित क्षेत्रों के भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) में किया जाएगा।
इस एलिवेटेड नेटवर्क के बनने से यात्रियों के सफर का समय करीब 50 मिनट कम हो जाएगा, जिससे रोजाना लाखों लीटर ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन (प्रदूषण) में भी भारी कमी आएगी।
फ्यूचर-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर: एक ही पिलर पर दौड़ेगी गाड़ियां और मेट्रो
तकनीकी रूप से यह प्रोजेक्ट बेहद आधुनिक होने वाला है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पुणे-शिरूर और हडपसर-यवत परियोजनाओं में ‘डबल डेकर मॉडल’ विकसित किया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि एलिवेटेड हाईवे के ऊपर ही भविष्य में मेट्रो ट्रेन के ट्रैक बिछाए जा सकेंगे। इस दूरदर्शी तकनीक की वजह से आने वाले समय में मेट्रो निर्माण की लागत में लगभग 40 प्रतिशत की भारी बचत होगी। प्रशासन ने इन सभी परियोजनाओं को अगले 4 वर्षों के भीतर पूरा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
इस ऐतिहासिक भूमिपूजन के अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल, शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, राज्यमंत्री माधुरी मिसाल, सांसद श्रीरंग आप्पा बारणे और पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।









