मुंबई: महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने राज्य के अन्नदाताओं को आर्थिक रूप से समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कृषि क्षेत्र के कायाकल्प के लिए दो बेहद महत्वाकांक्षी योजनाओं—‘सौर कृषि वाहिनी योजना’ और ‘सौर कृषि पंप योजना’ को धरातल पर उतारने का बड़ा ऐलान किया है। इस अभूतपूर्व पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों को बिना किसी रुकावट के बेहद सस्ती और भरोसेमंद बिजली मुहैया कराना है।
वर्ष 2026 के अंत तक पूरा होगा ‘मुफ्त बिजली’ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने वर्तमान आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि मौजूदा समय में राज्य के लगभग 76 प्रतिशत किसानों को दिन के समय बिजली की आपूर्ति सफलतापूर्वक की जा रही है। सरकार ने अब इस दायरे को शत-प्रतिशत करने का संकल्प लिया है। सीएम फडणवीस के मुताबिक, राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2026 के अंत तक महाराष्ट्र के सभी किसानों को दिन के समय प्रतिदिन 12 घंटे मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें रात के समय खेतों में सिंचाई करने की असुविधा से मुक्ति मिल सके।
खेती की लागत में आएगी कमी, बढ़ेगा उत्पादन
सौर ऊर्जा पर आधारित इन दूरदर्शी योजनाओं से न केवल किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलेगी, बल्कि पारंपरिक ऊर्जा पर उनकी निर्भरता भी कम होगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इस कदम से खेती की लागत (Cost of Production) में भारी कमी आएगी और किसानों के कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। राज्य सरकार का दावा है कि यह क्रांतिकारी पहल महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र में एक नए ‘ऊर्जा युग’ की शुरुआत करेगी और किसानों को सच्चे मायनों में आत्मनिर्भर बनाएगी।







