मानसून सत्र में गरजीं विधायक
मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र 2026 में वसई विधानसभा क्षेत्र की विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने वसई-विरार में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने सदन में स्पष्ट किया कि इस समस्या से नागरिकों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है और सरकार को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
1 लाख आवारा कुत्ते, सिर्फ 28 हजार की हुई नसबंदी
विधायक ने सदन के सामने कुछ चौंकाने वाले आंकड़े रखे। उनके अनुसार, वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में लगभग 1 लाख आवारा कुत्ते हैं। पिछले पांच वर्षों में शासन द्वारा करीब ₹4.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद केवल 28 हजार कुत्तों की ही नसबंदी हो सकी है। पूरे शहर में केवल दो नसबंदी केंद्र होने के कारण यह व्यवस्था पूरी तरह अपर्याप्त साबित हो रही है।
सरकार से तीन अहम सवाल
विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने सरकार से सदन में तीन स्पष्ट सवाल पूछे:
क्या वसई-विरार में नसबंदी केंद्रों की संख्या और उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी?
महानगरपालिका क्षेत्र में एक भी पशु आश्रय गृह (शेल्टर होम) नहीं है, इसे कब तक बनाया जाएगा?
आवारा कुत्तों और डॉग बाइट की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए क्या सरकार विशेष टीम का गठन करेगी?
सरकार का जवाब: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन जरूरी
इस पर संबंधित मंत्री ने सदन को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक महानगरपालिका क्षेत्र में पशुओं के लिए शेल्टर होम बनाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि नसबंदी के बाद प्रत्येक कुत्ते को लगभग पांच दिनों तक केंद्र में रखना होता है, इसलिए केवल केंद्रों की संख्या बढ़ाना काफी नहीं है, बल्कि इसके लिए उचित योजना और समयबद्ध व्यवस्था भी जरूरी है। मंत्री ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार आवारा कुत्तों को केवल निर्धारित स्थानों पर ही भोजन कराया जाना चाहिए।
विधायक की प्रतिक्रिया: समयबद्ध पालन सुनिश्चित हो
मंत्री के जवाब पर विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने कहा कि केवल सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देना काफी नहीं है, बल्कि उनकी समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पालना सुनिश्चित करना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वसई-विरार में नसबंदी केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए, पशु आश्रय गृह स्थापित किया जाए और शासन के निर्देशों के सख्त पालन के लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए।
विधायक ने अंत में कहा कि नागरिकों की सुरक्षा, डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार को जल्द ही ठोस निर्णय लेने चाहिए।





