वसई: वसई-विरार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट कारोबार करने वाले एवरशाइन बिल्डर्स (Evershine Builders) की कई बड़ी और महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं को तगड़ा झटका लगा है। पर्यावरण मंजूरी (Environment Clearance) के नियमों के उल्लंघन से जुड़े एक मामले पर सुनवाई करते हुए देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने संबंधित प्रोजेक्ट्स पर ‘यथास्थिति’ (Status Quo) बनाए रखने का अंतरिम आदेश जारी किया है।

मनपा का बड़ा एक्शन, तत्काल जारी किया ‘स्टॉप वर्क’ नोटिस
सुप्रीम कोर्ट से आदेश की कॉपी मिलते ही वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVMC) तुरंत हरकत में आ गई। मनपा प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए संबंधित डेवलपर्स को ‘स्टॉप वर्क’ (काम रोकने) का आधिकारिक नोटिस थमा दिया है। इस नोटिस के जरिए सभी प्रभावित साइटों पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह बंद करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
इन प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर पड़ा सीधा असर

मिली जानकारी के अनुसार, कोर्ट और मनपा की यह बड़ी कार्रवाई मुख्य रूप से ग्लोबल सिटी (Global City) क्षेत्र के कई प्राइम लोकेशंस पर चल रही परियोजनाओं पर हुई है। इनमें निम्नलिखित प्रोजेक्ट्स शामिल बताए जा रहे हैं:
- अवेन्यू D-2 (Avenue D-2)
- अवेन्यू K-1 (Avenue K-1)
- अवेन्यू P-2 (Avenue P-2)
- अवेन्यू CFC-8 (Avenue CFC-8)
इसके अलावा, इस दायरे में कॉसमॉस सेरेनिटी (Cosmos Serenity), पूनम एवरा (Poonam Evara) और एवरशाइन की अन्य कई निर्माणाधीन परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
24 अगस्त 2026 को होगी अगली सुनवाई
दरअसल, पर्यावरण मंजूरी (EC) न होने के गंभीर मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान माननीय न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए अगली सुनवाई तक किसी भी तरह की नई निर्माण गतिविधि पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। अब इस पूरे संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को तय की गई है, तब तक इन क्षेत्रों में कोई भी ईंट नहीं रखी जा सकेगी।
फ्लैट खरीदारों और निवेशकों की बढ़ी धड़कनें
सुप्रीम कोर्ट के इस कड़े आदेश और मनपा के एक्शन के बाद संबंधित बिल्डरों के साथ-साथ उन सैकड़ों निवेशकों और फ्लैट खरीदारों की भी चिंताएं बढ़ गई हैं, जिन्होंने इन प्रोजेक्ट्स में अपनी गाढ़ी कमाई लगाई है। अब रियल एस्टेट मार्केट के साथ-साथ आम खरीदारों की निगाहें भी 24 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई और कोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।




