विरार। ठाणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक समीकरणों में बदलाव देखने को मिल रहा है। शुरुआती दौर में बहुजन विकास आघाड़ी समर्थित ‘सहकार पैनल’ की जीत की चर्चा थी, लेकिन अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बैंक प्रशासन पर अपना नियंत्रण होने का दावा किया है।
दोनों पैनलों में शामिल थे महायुति के उम्मीदवार
महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने इस संबंध में जानकारी देते हुए चुनावी गणित को स्पष्ट किया। उनके अनुसार, चुनाव में ‘सहकार पैनल’ और ‘परिवर्तन पैनल’ दोनों में ही भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार शामिल थे। चव्हाण ने बताया कि सभी नेताओं को एक ही पैनल में समायोजित करना संभव नहीं था, जिसके कारण महायुति के उम्मीदवारों को दोनों पैनलों से मैदान में उतारा गया था।
21 में से 13 पदों पर महायुति को मिली सफलता
रवींद्र चव्हाण ने बताया कि कुल 21 संचालक पदों में से भाजपा के 8 और शिवसेना (शिंदे गुट) के 5 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इस प्रकार, महायुति के खाते में कुल 13 संचालक पद गए हैं। इस स्पष्ट बहुमत के कारण बैंक का अध्यक्ष भी महायुति का ही बनेगा।
अध्यक्ष पद के बंटवारे पर हाईकमान लेगा फैसला
अध्यक्ष पद को लेकर चव्हाण ने बताया कि पहले ढाई साल के लिए अध्यक्ष कौन होगा और आगे का कार्यकाल किसके पास जाएगा, इसका अंतिम फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और महायुति के अन्य वरिष्ठ नेता मिलकर करेंगे।
बहुजन विकास आघाड़ी के दावों पर लगा सवाल
भाजपा के इस दावे के बाद, बैंक प्रशासन पर बहुजन विकास आघाड़ी के नियंत्रण को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगता दिख रहा है। संख्या बल के आधार पर ठाणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक की कमान महायुति के हाथों में जाने की संभावना प्रबल मानी जा रही है।





