वसई-विरार में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। शहर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। नायगांव पश्चिम के साकाई नगर-2 और उमेले क्षेत्र में पानी भरने के कारण कई परिवार अपने घरों में फंस गए। मौके की गंभीरता को देखते हुए वसई-विरार महानगरपालिका (वीवीएमबी) की अग्निशमन विभाग की रेस्क्यू टीम तुरंत हरकत में आई। टीम ने नावों की मदद से फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में तीन माह के एक शिशु और कई बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना शामिल रहा।
राहत शिविर में भोजन और आवास की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित सभी नागरिकों को उमेले गांव में स्थित जिला परिषद स्कूल में अस्थाई रूप से स्थानांतरित किया गया है। प्रशासन की ओर से यहां उनके रहने और भोजन की उचित व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी नागरिक को असुविधा का सामना न करना पड़े।
जल निकासी में आ रही है दिक्कत
स्थानीय नगरसेवक आशीष वर्तक के अनुसार, समुद्र और जमीन का जलस्तर लगभग बराबर होने के कारण पानी की निकासी की प्रक्रिया धीमी गति से हो रही है। इसी बीच, वसई पूर्व के नवघर मिठागर क्षेत्र में भी जलभराव जारी है, जहां फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभियान लगातार चल रहा है।
तानसा नदी की बाढ़ में फंसे 25 लोगों को बचाया
वहीं, दूसरी तरफ 6 जुलाई को तानसा नदी में आई बाढ़ ने भी तबाही मचाई। चांदीप क्षेत्र के एक फार्महाउस में पानी घिरने के कारण 25 लोग फंस गए थे। मंडवी पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय नागरिकों की संयुक्त टीम ने मुहिम चलाकर सभी 25 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद सभी लोगों को सकुशल उनके घर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।




