विधानसभा में उठा गंभीर मुद्दा
महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा हुई। वसई की विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने सदन में अवैध फेरीवालों और सड़कों पर लगने वाले साप्ताहिक बाजारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने इनके पीछे सक्रिय कथित संगठित रैकेट पर भी सवाल उठाए और प्रशासन से जवाब मांगा।
बिना लाइसेंस चल रहा है कारोबार
विधायक ने सदन में जानकारी दी कि वसई-विरार के कई इलाकों में हाथगाड़ी, फल विक्रेता और अन्य फेरीवाले बिना किसी वैध लाइसेंस या पहचान पत्र के कारोबार कर रहे हैं। दस्तावेजों के प्रभावी सत्यापन के अभाव में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गई हैं।
ट्रैफिक जाम से परेशान हैं नागरिक
वलीव, सातीवली, एवरशाइन सिटी, आचोले, गाला नगर और पापड़ी जैसे क्षेत्रों में सड़कों पर लगने वाले साप्ताहिक बाजारों के कारण भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। इसका सीधा असर दोपहिया वाहनों, ऑटो रिक्शा और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही पर पड़ रहा है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
फेरीवाला जोन और कार्रवाई की मांग
स्नेहा दुबे पंडित ने राज्य सरकार से मांग की है कि वसई-विरार मनपा को तत्काल प्रभाव से ‘फेरीवाला जोन’ लागू करने के निर्देश दिए जाएं। इसके अलावा, अवैध फेरीवालों और गैरकानूनी साप्ताहिक बाजारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है, ताकि शहरवासियों को ट्रैफिक जाम से मुक्त और सुरक्षित शहर मिल सके। विधायक ने कहा कि वे नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार विधानसभा में आवाज उठाती रहेंगी।





