वसई-विरार: वसई-विरार और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती आबादी, अनियंत्रित शहरीकरण और कानून-व्यवस्था के सामने खड़ी हो रही नई चुनौतियों को देखते हुए अब इस क्षेत्र के लिए एक अलग पुलिस मुख्यालय (Police Headquarters) बनाने की मांग तेज हो गई है। इसी सिलसिले में महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) सदानंद दाते से एक शिष्टाचार मुलाकात की गई और उन्हें जमीनी हकीकत से रूबरू कराया गया।
अलग मुख्यालय से मजबूत होगी कानून-व्यवस्था और बढ़ेगी सुरक्षा

डीजीपी सदानंद दाते के साथ हुई इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मिरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय (MBVV) के अंतर्गत आने वाले वसई क्षेत्र में एक स्वतंत्र पुलिस मुख्यालय स्थापित करने की जरूरत पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी को समझाया कि एक अलग मुख्यालय बनने से न केवल स्थानीय पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि किसी भी आपातकालीन स्थिति या अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस बल अधिक मुस्तैदी और तेजी से एक्शन ले सकेगा।

आम जनता को मिलेंगी सुलभ और तेज पुलिस सेवाएं
मुलाकात के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि वसई के नागरिकों को अपनी प्रशासनिक और कानूनी शिकायतों के लिए दूर न जाना पड़े। अलग मुख्यालय होने से आम जनता को अधिक तेज, प्रभावी और सुलभ पुलिस सेवाएं मिलना आसान हो जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल ने साफ किया कि वसई के समग्र विकास और यहां के निवासियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मांग को लेकर आगे भी शासन और प्रशासन के स्तर पर लगातार प्रयास जारी रहेंगे। क्षेत्र में बेहतर पुलिसिंग और एक सुरक्षित माहौल तैयार करने की दिशा में इस पहल को बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




