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वसई-विरार में जहरीली हो रही पानी की धार: नलों से आ रहा मटमैला पानी, फूलपाड़ा समेत दर्जनों इलाकों में फैला बीमारी का खौफ |

August 13, 2026 2:33 PM
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विरार: वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVMC) के प्रभाग समिति ‘सी’ अंतर्गत फूलपाड़ा परिसर समेत पूर्व के कई इलाकों में पिछले एक सप्ताह से नलों से दूषित और मटमैला पानी सप्लाई हो रहा है। पीने के पानी का रंग गंदा और मटमैला होने के कारण स्थानीय निवासियों में जलजनित बीमारियों का डर सताने लगा है।

विरार और नालासोपारा के दर्जनों क्षेत्र प्रभावित

यह समस्या केवल फूलपाड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि विरार और नालासोपारा पूर्व के विशाल क्षेत्र में गंदे पानी की सप्लाई से नागरिक त्रस्त हैं।

प्रभावित मुख्य इलाके:

  • कुंभारपाड़ा, चंदनसार और बरफपाड़ा
  • मनवेलपाड़ा, संतोष भुवन और कारगिल नगर
  • धनुबाग, वाकनपाड़ा और भोईदापाड़ा
  • वाघरालपाड़ा, जुचंद्र तथा नायगांव

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि नल चालू करने के शुरुआती समय में अत्यधिक मटमैला पानी आता है। कुछ देर बहने के बाद पानी थोड़ा साफ तो दिखने लगता है, लेकिन उसकी गुणवत्ता पीने लायक बिल्कुल नहीं रहती।

स्वास्थ्य विभाग ने दी पानी उबालकर पीने की सलाह

पानी की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने लोगों को पानी उबालकर और छानकर पीने की सलाह दी है। हालांकि, इस सलाह से नागरिकों में रोष है। लोगों का सवाल है कि जब मनपा जल कर (Water Tax) वसूलती है, तो नागरिकों को सीधा स्वच्छ पेयजल क्यों उपलब्ध नहीं कराया जा रहा? नलों तक पहुँचने से पहले पानी की लैब टेस्टिंग क्यों नहीं की जा रही?

मनपा अधिकारी मौन, नेताओं ने उठाई जांच की मांग

दूषित जलापूर्ति के मुद्दे पर जब महानगरपालिका के जलापूर्ति विभाग अधिकारी सुरेंद्र ठाकरे से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन का कोई जवाब नहीं दिया।

वहीं, इस मुद्दे पर भाजपा नेता ब्रह्मदेव सिंह राजन ने कहा कि “बारिश के मौसम में कभी-कभार मटमैला पानी आना स्वाभाविक हो सकता है, लेकिन अगर यह समस्या रोजाना बनी हुई है तो यह बेहद गंभीर मामला है। प्रशासन को तुरंत इसकी जांच कर समाधान निकालना चाहिए।”

नागरिकों ने की सख्त कार्रवाई और सैंपल जांच की मांग

क्षेत्रीय नागरिकों ने वीवीएमसी (VVMC) प्रशासन से मांग की है कि:

  • प्रभावित इलाकों से पानी के सैंपल लेकर तत्काल प्रयोगशाला में जांच कराए जाएं।
  • मुख्य पाइपलाइनों में लीकेज या सीवरेज के पानी के मिश्रण की जांच की जाए।
  • जल्द से जल्द सभी क्षेत्रों में सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति बहाल की जाए।

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