वसई-विरार: मुंबई में हाल ही में एक खुले मैनहोल में गिरने से 55 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत ने पूरे प्रशासनिक महकमे को हिलाकर रख दिया था। लेकिन ऐसा लगता है कि पड़ोसी इलाके वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) ने इस खौफनाक हादसे से कोई सबक नहीं लिया है। शहर के तमाम मुख्य रास्तों और रिहायशी इलाकों में खुले पड़े नाले और टूटे हुए मैनहोल के ढक्कन आज भी जस के तस हैं, जो किसी बड़े हादसे को खुली चुनौती दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों में इसे लेकर भारी आक्रोश और डर का माहौल है।
लाखों ढक्कन लगाने का दावा, जमीनी हकीकत डरावनी
वसई-विरार महानगरपालिका के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, शहर के सभी 9 प्रभागों (Wards) में सीवरेज नेटवर्क को मजबूत करने के लिए करीब 1 लाख से अधिक मैनहोल कवर्स लगाए गए हैं। लेकिन कागजी दावों और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है।
अनेक व्यस्त चौराहों और गलियों में इन ढक्कनों की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। कई जगहों पर सीमेंट पूरी तरह उखड़ चुका है और जंग लगी लोहे की नुकीली सरिए (Rods) बाहर निकल आई हैं, जो राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। कई इलाकों में तो ढक्कन पूरी तरह से गायब हैं, जिन्हें ढकने के लिए कोई चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाया गया है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा: कभी भी हो सकता है हादसा
शहर का शायद ही कोई ऐसा कोना हो जो इस समस्या से अछूता हो। मुख्य रूप से निम्नलिखित इलाकों में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक बने हुए हैं:
- नालासोपारा (पूर्व): गाला नगर, संतोष भवन, धानीवबाग और वाकणपाड़ा।
- नालासोपारा (पश्चिम): श्रीप्रस्थ इलाका।
- विरार: विराट नगर, ग्लोबल सिटी और पुराना विवा कॉलेज रोड।
- वसई: सागरशेत, माणिकपुर, अंबाडी, तुंगारफाटा और सातीवली।
इन इलाकों से गुजरने वाले लोग, खासकर बुजुर्ग और स्कूली बच्चे, हर वक्त खौफ के साए में चलने को मजबूर हैं। रात के अंधेरे या बारिश के वक्त यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
प्रशासन का आश्वासन, पर जनता को चाहिए तुरंत एक्शन
महानगरपालिका का पक्ष: इस गंभीर मामले पर सफाई देते हुए महानगरपालिका प्रशासन ने कहा है कि पिछले सप्ताह आई भारी बारिश और बाढ़ के कारण कई मैनहोल कवर क्षतिग्रस्त हुए हैं। निर्माण विभाग (Construction Department) के माध्यम से नए ढक्कन लगाने और मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
दूसरी तरफ, स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन हमेशा किसी बड़े हादसे या मौत का इंतजार करता है। नागरिकों की मांग है कि कागजी काम छोड़, नगर निगम तुरंत हरकत में आए और दुर्घटना होने से पहले सभी खुले और खतरनाक मैनहोल को पूरी तरह से सुरक्षित करे।




