वसई-विरार: शहर की जर्जर सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर चल रहा ‘सड़क सत्याग्रह’ अब और अधिक आक्रामक होने जा रहा है। विरार तक सीमित इस आंदोलन को अब पूरे वसई-विरार क्षेत्र में विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता रवि भूषण की पहल पर वसंत नगरी स्थित शहीद तुकाराम ओंबले चौक पर आरटीआई कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और स्थानीय नेताओं की एक मैराथन बैठक में इस आंदोलन की आगे की रणनीति तय की गई।
चौकों और बस्तियों तक पहुंचेगा आंदोलन, आरटीआई से खुलेगी पोल
सुबह 7 बजे से शाम 8 बजे तक चली इस विस्तृत बैठक में ‘सड़क सत्याग्रह’ को केवल धरने या अनशन तक सीमित न रखते हुए इसे लंबे समय तक चलने वाले एक मजबूत जनआंदोलन का रूप देने पर सहमति बनी। आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए दो विशेष टीमें बनाई गई हैं:
- पहला चरण (RTI टीम): एक समर्पित टीम मनपा के पिछले कार्यकाल में हुए सड़क निर्माण और विकास कार्यों की ठोस जानकारी सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जुटाएगी ताकि संभावित वित्तीय अनियमितताओं का पर्दाफाश किया जा सके।
- दूसरा चरण (जनसंपर्क टीम): दूसरी टीम वसई-विरार के विभिन्न चौकों, सोसायटियों और मोहल्लों में जाकर स्थानीय नागरिकों और अन्य आंदोलनकारियों को इस मुहिम से जोड़ेगी।
सामूहिक नेतृत्व में लड़ा जाएगा नागरिक हक का युद्ध
रवि भूषण ने स्पष्ट किया कि ‘सड़क सत्याग्रह’ किसी एक व्यक्ति विशेष का आंदोलन न होकर बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों और अनुभवी नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से चलेगा।
बैठक में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि करदाताओं को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं और गड्ढा-मुक्त सड़कों के अधिकार के लिए वे हर चौराहे पर आवाज बुलंद करेंगे। प्रशासन को जगाने के लिए अब यह आंदोलन घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।








