मानसून के दौरान जलजनित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से वसई-विरार पुलिस प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। नागरिकों और पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 15 जुलाई तक पाबंदी लगा दी गई है।
हर साल बारिश के मौसम में झरनों, नदियों और समुद्र तटों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है। इस दौरान तेज बहाव वाले पानी में जाना, स्टंटबाजी करना या नशे की हालत में खतरनाक जगहों पर जाने से अक्सर जानलेवा हादसे हो जाते हैं। इन्हीं घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।
पुलिस प्रशासन का सख्त आदेश
परिमंडल-2 के पुलिस उपायुक्त अशोक वीरकर और परिमंडल-3 के पुलिस उपायुक्त शशिकांत बोराटे ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(1) और 163(2) के तहत यह आदेश पारित किया है। पुलिस के अनुसार, यह पाबंदी वसई, नायगांव, वालीव, अर्नाला, विरार, पेल्हार, मांडवी, बोलींज और नालासोपारा पुलिस थाना क्षेत्रों में लागू रहेगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ये स्थान रहे प्रतिबंधित
प्रतिबंधित क्षेत्रों में वसई के सुरुची बीच, रानगांव, भुईगांव, बेनापट्टी, ब्राह्मणपाड़ा समुद्र तट, देवकुंडी (कामण), चिंचोटी झरना और राजावली खदान शामिल हैं। वहीं, विरार क्षेत्र में फुलपाड़ा डैम, कुंभारपाड़ा तालाब, तुंगारेश्वर झरना, जेट्टी क्षेत्र, तानसा नदी, पेल्हार बांध और अर्नाला, कलंब, नवापुर तथा राजोडी समुद्र तटों पर पर्यटकों का प्रवेश वर्जित रहेगा।
पर्यटकों के लिए जारी दिशा-निर्देश
किसी भी प्रतिबंधित स्थल पर पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक रहेगी।
तेज बहाव वाले पानी, गहरे जल या झरनों के नीचे जाने और बैठने की मनाही होगी।
खतरनाक स्थानों, घाटियों के किनारों और झरनों के पास सेल्फी लेने या वीडियो बनाने पर प्रतिबंध होगा।
पर्यटन स्थलों पर शराब पीने, नशे की हालत में प्रवेश करने, शराब ले जाने या उसकी अवैध बिक्री पर पूरी तरह रोक होगी।
सार्वजनिक स्थानों पर डीजे या लाउडस्पीकर लगाकर तेज आवाज में संगीत बजाने की भी अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने आम नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचें।




