वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVMC) क्षेत्र के पंजीकृत फेरीवालों (स्ट्रीट वेंडर्स) के लिए एक राहत भरी खबर है। मनपा की ओर से वर्ष 2015 के सर्वेक्षण में शामिल पात्र फेरीवालों को अब बायोमेट्रिक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) दिए जाएंगे। पहचान पत्र जारी करने के लिए दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया 1 सितंबर से सभी प्रभाग समिति कार्यालयों में शुरू होने जा रही है।
2015 के सर्वे में तय हुए थे 15,215 फेरीवाले केंद्र सरकार के स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका संरक्षण और स्ट्रीट वेंडिंग विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत फेरीवालों की आजीविका की सुरक्षा और शहर में अतिक्रमण मुक्त व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 2015 में सर्वे किया गया था। इस सर्वेक्षण के आधार पर वसई-विरार में कुल 15,215 फेरीवालों को चिन्हित किया गया था, जिन्हें अब आधिकारिक पहचान पत्र मिलने जा रहा है।
पहचान पत्र के लिए इन दस्तावेजों की होगी जरूरत पात्र फेरीवालों को अपने प्रभाग समिति कार्यालय में संपर्क कर निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होंगे:
- व्यवसाय स्थल की फोटो और जीपीएस कोऑर्डिनेट्स (GPS Coordinates)
- पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र
- दो पासपोर्ट साइज फोटो
- अन्य आवश्यक व्यावसायिक कागजात
जांच और जीपीएस सत्यापन के बाद मिलेगा ‘यूनिक आईडी’ प्रभाग अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की गहन जांच और व्यवसाय स्थल के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के बाद प्रत्येक पात्र फेरीवाले का एक यूनिक आईडी (Unique ID) जनरेट किया जाएगा। इसी यूनिक आईडी के आधार पर अंतिम पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। महानगरपालिका ने 2015 के सर्वे में शामिल सभी फेरीवालों से अपील की है कि वे समय पर अपने दस्तावेज जमा कर इस प्रक्रिया को पूरा करें।








