विरार | ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक चुनाव के मतदान के बाद विरार पूर्व स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मंडल कार्यालय में कथित जबरन घुसपैठ का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में बहुजन विकास आघाड़ी (बविआ) के दो नगरसेवकों समेत कई लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
चुनाव के बाद कार्यालय में घुसे आरोपी
पुलिस के अनुसार, यह घटना शुक्रवार 26 जून 2026 को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मनवेलपाड़ा रोड स्थित भाजपा विरार पूर्व मंडल कार्यालय में घटी। उस समय भाजपा के विरार शहर अध्यक्ष मनीष वैद्य, सरचिटणीस सुनीलकुमार ठाकूर और अन्य पदाधिकारी कार्यालय में मौजूद थे। आरोप है कि बविआ के नगरसेवक निषाद चोरगे और प्रशांत राऊत अपने 6 से 7 समर्थकों के साथ कार्यालय में जबरन घुस आए।
पैसे बांटने का लगा आरोप, बैग से लिफाफा गायब
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने कार्यालय में चुनावी मतदाताओं को पैसे बांटने का आरोप लगाया। इसके बाद उन्होंने कार्यालय के टेबल और दराजों की तलाशी ली, जिससे सामान अस्त-व्यस्त हो गया। भाजपा का यह भी आरोप है कि इस दौरान सुनीलकुमार ठाकूर का बैग खोलकर उसमें रखे पैसों का एक लिफाफा जबरन निकाल लिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया।
भाजपा की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
मनीष वैद्य की शिकायत पर विरार पुलिस ने निषाद चोरगे, प्रशांत राऊत और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस उपनिरीक्षक अनिल म्हस्के इस मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, जांच जारी है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
इस घटना के बाद विरार की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और इसे राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास करार दिया है। वहीं, इस पूरे मामले पर बहुजन विकास आघाड़ी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।





