विरार: वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVMC) क्षेत्र के अंतर्गत विरार पूर्व, फूलपाड़ा स्थित ‘दुबे अपार्टमेंट’ में चल रहे रिपेयरिंग कार्य के दौरान मजदूरों की जान जोखिम में डालने का मामला सामने आया है। प्रभाग समिति ‘सी’ के तहत आने वाली इस इमारत में निर्माण एजेंसी की घोर लापरवाही देखने को मिल रही है, जहां मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपकरण और हेलमेट के ऊंची इमारतों पर काम करने को मजबूर हैं।
बिना सेफ्टी किट ऊंचाई पर काम
जानकारी के अनुसार, दुबे अपार्टमेंट के जीर्णोद्धार और रिपेयरिंग का ठेका ‘सत्यम एंटरप्राइजेज’ नामक ठेकेदार को दिया गया है। इमारत की बाहरी दीवारों की मरम्मत के दौरान एक मजदूर बांस की अस्थायी और बेहद कमजोर संरचना (पड़छट) पर बिना किसी सेफ्टी बेल्ट, नेट या हेलमेट के ऊंचाई पर लटककर काम करता दिखाई दिया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
“गलती तो होती है…” — ठेकेदार का गैर-जिम्मेदाराना जवाब
मामला उजागर होने के बाद जब स्थानीय लोगों और प्रतिनिधियों ने ‘सत्यम एंटरप्राइजेज’ से इस संबंध में जवाब मांगा, तो ठेकेदार की ओर से बेहद गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया आई। ठेकेदार का कहना था, “गलती तो होती है, क्या करें। आगे से ध्यान रखेंगे।” हालांकि, इस तरह का आश्वासन देने के बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है और मजदूरों को अभी भी सुरक्षा किट मुहैया नहीं कराई गई है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
ऊंचाई पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए लेबर एक्ट और नगर निगम के नियमों के तहत ‘सेफ्टी गियर्स’ अनिवार्य हैं। ऐसे में स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मनपा प्रशासन से तीखे सवाल पूछे हैं:
- क्या संबंधित ठेकेदार को सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किया गया है?
- क्या मनपा की प्रभाग समिति ‘सी’ का निर्माण विभाग साइट की नियमित निगरानी कर रहा है?
अब देखना यह होगा कि वसई-विरार मनपा प्रशासन इस जानलेवा लापरवाही पर सत्यम एंटरप्राइजेज के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करता है या किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।








