विरार: बच्चों को सेहतमंद जीवनशैली देने और उन्हें जंक फूड के खतरों से बचाने के लिए विरार में एक अनूठी पहल की मांग उठाई गई है। शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के विरार शहर प्रमुख रोहन रमाकांत चव्हाण ने शिक्षा अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र के सभी स्कूलों में ‘ऑयल बोर्ड’ (विशेष जागरूकता बोर्ड) लगाने की पुरजोर मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल कैंटीन और रोजमर्रा के खानपान में शामिल तैलीय व जंक फूड के गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में छात्रों को समय रहते सचेत करना बेहद जरूरी हो गया है।
बदलती लाइफस्टाइल और जंक फूड से बढ़ रहा बीमारियों का खतरा
रोहन चव्हाण ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी और बदलती जीवनशैली के कारण बच्चों में जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड खाने का चलन तेजी से बढ़ा है। इसके परिणामस्वरूप बहुत ही कम उम्र में बच्चे मोटापे (Obesity), सुस्ती, पाचन संबंधी समस्याओं और अन्य गंभीर लाइफस्टाइल बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इस संकट से निपटने के लिए स्कूलों के मुख्य द्वारों और कैंटीन जैसे प्रमुख स्थानों पर बड़े सूचना बोर्ड लगाए जाने चाहिए। इन ‘ऑयल बोर्ड्स’ पर स्पष्ट रूप से लिखा हो कि कौन-से खाद्य पदार्थ सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं और उनका शरीर पर क्या बुरा असर पड़ता है।
अभिभावकों ने किया फैसले का स्वागत, अब शिक्षा विभाग पर नजर
चूंकि बच्चे अपने दिन का एक बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा स्कूल में बिताते हैं, इसलिए उन्हें सही खानपान के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूल परिसर से बेहतर कोई और जगह नहीं हो सकती। रोहन चव्हाण की इस सकारात्मक पहल का स्थानीय अभिभावकों ने भी दिल से स्वागत किया है। पालकों का मानना है कि इस कदम से बच्चों की ईटिंग हैबिट्स में सुधार होगा। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से इस जनहितैषी प्रस्ताव को जल्द से जल्द अमल में लाने की अपील की है। अब देखना यह होगा कि शिक्षा अधिकारी इस मांग पर कितनी जल्दी ठोस कदम उठाते हैं।





