विरार: विरार के यशवंत नगर क्षेत्र में स्थित ‘रोज बिल्डिंग’ के सामने गटर (ड्रेनेज) निर्माण को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद राय ने मोरेश्वर बारिया बिल्डर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि लेआउट में दूसरी बार गटर का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे न केवल स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी हो रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
12 मीटर की सड़क घटकर रह गई 9 मीटर
सामाजिक कार्यकर्ता के अनुसार, इस मार्ग की सड़क पहले लगभग 12 मीटर चौड़ी थी और इसके दोनों ओर ड्रेनेज लाइन की सुचारू व्यवस्था थी। आरोप है कि बिल्डर ने इसी चौड़ी सड़क और बुनियादी सुविधाओं का हवाला देकर ग्राहकों को ऊंचे दामों पर फ्लैट बेचे थे।
हालांकि, वर्तमान में जारी निर्माण कार्य के चलते सड़क की चौड़ाई घटकर महज 9 मीटर रह गई है। चौड़ाई कम होने से आने वाले समय में क्षेत्र में भारी यातायात बाधित होने और नागरिकों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करने की आशंका जताई जा रही है।
पुरानी गटर लाइन पर कब्जे का आरोप, मनपा की भूमिका पर सवाल
अरविंद राय ने आरोप लगाया कि रोज बिल्डिंग और सार्थक हॉस्पिटल से जुड़े लोगों द्वारा पुरानी गटर लाइन पर कथित रूप से कब्जा कर लिया गया है। अब इस अतिक्रमण को छुपाने के लिए मुख्य सड़क का हिस्सा काटकर नई ड्रेनेज लाइन बनाई जा रही है।
हैरानी की बात यह है कि जिस क्षेत्र में यह निर्माण कार्य चल रहा है, वहीं वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVMC) आयुक्त का आवास भी स्थित है। वीवीएमसी कमिश्नर के निवास के इतने करीब नियमों की अनदेखी होने पर अरविंद राय ने मनपा अधिकारियों की कार्यशैली और पारदर्शिता पर खड़े सवाल उठाए हैं।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता ने वसई-विरार महानगरपालिका प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि:
- स्थल का निरीक्षण (Ground Inspection) कर पुरानी ड्रेनेज लाइन की वास्तविक स्थिति जांची जाए।
- सड़क की मूल चौड़ाई और नए निर्माण कार्य की वैधता का सत्यापन हो।
- यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर सड़क की चौड़ाई बहाल की जाए।








