मुंबई: राजधानी मुंबई के ऐतिहासिक और संवेदनशील स्थल चैत्यभूमि पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को शेतकरी कामगार पक्ष (शेकाप), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी – CPI-M) और सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के समर्थकों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस की मनाही के बावजूद किया गया प्रदर्शन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस प्रदर्शन को लेकर आयोजकों ने पूर्व अनुमति मांगी थी, लेकिन सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन ने अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी चैत्यभूमि पर एकत्र हुए और विरोध जताया।
डीसीपी (ज़ोन-3) का बयान और कानूनी कार्रवाई
डीसीपी सेंट्रल ज़ोन-3 की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस के आदेशों का उल्लंघन कर प्रदर्शन में शामिल हुए लोगों के खिलाफ शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस का सख्त रुख: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चैत्यभूमि परिसर में किसी भी प्रकार के धरना या विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। इलाके में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।







