मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषध प्रशासन (FDA) विभाग में ‘औषध निरीक्षक (ग्रुप-B)’ भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने की खबर सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आयोग ने विवाद के बीच निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्राप्त सभी साक्ष्यों और शिकायतों की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।
साक्ष्यों की जांच के आधार पर दर्ज होगी FIR
MPSC के सचिव महेंद्र हरपाळकर ने इस मामले पर आधिकारिक जानकारी देते हुए कहा कि अभ्यर्थियों और संबंधित पक्षों द्वारा सौंपे गए सभी निवेदनों व सबूतों की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ पुलिस में विधिवत प्राथमिक दर्ज कराई जाएगी।
भर्ती प्रक्रिया और पारदर्शिता पर उठे सवाल
पेपर लीक की खबर सार्वजनिक होते ही लाखों अभ्यर्थियों के बीच आक्रोश का माहौल है और पूरी परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, आयोग ने अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया है कि परीक्षा की गरिमा बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई
आयोग ने साफ तौर पर कहा है कि पूरे मामले का सच सामने लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जांच प्रक्रिया पूरी होते ही घटना में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
(मामले में आगे के अपडेट की प्रतीक्षा है)











