नव-निर्मित सभामंडप का उद्घाटन और परियोजना का निरीक्षण
पुणे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग तीर्थक्षेत्र भीमाशंकर मंदिर के विकास कार्यों को लेकर बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर के विकास कार्यों में तेजी से प्रगति हो रही है और अगले वर्ष होने वाले कुंभ मेले से पहले इस परियोजना का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर के सामने नव-निर्मित सभामंडप के ‘चावी के पत्थर’ की विधिवत पूजा और ब्रह्मध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर विकास और हेरिटेज वाड़ी परियोजना के कार्यों का गहन निरीक्षण किया और कार्यों की गुणवत्ता व गति पर संतोष जताया।
हेरिटेज वाड़ी और यातायात व्यवस्था में होगा आमूल-चूल बदलाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि हेरिटेज वाड़ी परियोजना के तहत लगभग 150 परिवारों का पुनर्वास किया जा रहा है। इन परिवारों के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एक नया गांव विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर जीवन यापन के साथ-साथ नए आर्थिक अवसर भी मिलेंगे। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है। आने और जाने के लिए अलग-अलग मार्ग तैयार किए जा रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, दुकानों, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का भी सुनियोजित विकास किया जा रहा है।
धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान
इस अवसर पर विधायक दिलीप वलसे पाटील, बाबाजी काले, जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी, मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इन विकास कार्यों के पूर्ण होने के बाद भीमाशंकर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में पांच से दस गुना तक वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे न केवल क्षेत्र का धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और व्यापारियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने इस सफल क्रियान्वयन में स्थानीय ग्रामवासियों के सहयोग की भी सराहना की।








