विरार, 16 जून। पालघर जिले के विशेष दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विरार में ‘केयर इंटीग्रेटेड स्पेशल लर्निंग एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर’ (CARE) की शुरुआत की गई है। महाराष्ट्र सरकार के ‘नमो दिव्यांग अभियान’ के तहत जिला दिव्यांग पुनर्वसन केंद्र (DDRC) पालघर और अपंग कल्याणकारी संस्था, अर्नाला के संयुक्त प्रयासों से इस केंद्र की स्थापना की गई है। 15 जून को विरार पश्चिम स्थित सैफ्रन विला परिसर में इस केंद्र का उद्घाटन किया गया।
विधायक राजन नाइक ने काटा फीता
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक राजन नाइक ने फीता काटकर केंद्र का उद्घाटन किया। इस दौरान संस्था के अध्यक्ष शमीम खान, आदिवासी सेवक गंगाधर म्हात्रे सहित कई गणमान्य व्यक्ति, अभिभावक और विशेष बच्चे मौजूद रहे।
ना लाभ, ना हानि के सिद्धांत पर चलेगा केंद्र
इस केंद्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से ‘ना लाभ, ना हानि’ के सिद्धांत पर काम करेगा। संस्था का मकसद यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के दिव्यांग बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उपचार से वंचित न रहें।
बच्चों के लिए उपलब्ध होंगी ये विशेष सुविधाएं
केंद्र में विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए निःशुल्क प्रारंभिक मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा यहां विशेष शिक्षा, स्पीच थेरेपी, ऑक्युपेशनल थेरेपी, एबीए (ABA), एएटी (AAT) और बिहेवियरल थेरेपी जैसी अहम सेवाएं दी जाएंगी।
अभिभावकों के लिए भी होगी परामर्श व्यवस्था
केवल बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि अभिभावकों के लिए भी विशेष परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे। माता-पिता विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर सकेंगे और बच्चों के विकास से जुड़ी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे।
संस्था ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस जानकारी को अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाएं, ताकि विशेष बच्चे इन सेवाओं का लाभ उठा सकें। केंद्र की स्थापना में डॉ. विक्रांत गोंडाणे का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।







