मुंबई। चर्चगेट स्थित इंडियन मर्चेंट चेंबर (आईएमसी) हॉल में सोक्रिटिस सोशल रिसर्च यूनिवर्सिटी और दिलासा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में मानद डॉक्टरेट उपाधि 2026 सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 25 हस्तियों को मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया गया।
300 नामांकनों में से चुनी गईं 25 हस्तियां
आयोजकों के अनुसार, इस सम्मान के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों से 300 से अधिक नामांकन प्राप्त हुए थे। विस्तृत शोध और चयन प्रक्रिया के बाद 25 व्यक्तियों का चयन किया गया। चयनित हस्तियों को समाज सेवा, शिक्षा, आध्यात्म और अन्य क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए यह उपाधि प्रदान की गई।
प्रमुख अतिथियों की रही उपस्थिति

समारोह में कई गणमान्य व्यक्ति विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इनमें पूर्व मुंबई विश्वविद्यालय निदेशक डॉ. वरदानंद, जापान से पधारी आध्यात्मिक गुरु सावको कोबायासी, आध्यात्मिक चिंतक सेवकानंद जी, अग्रवाल कॉलेज के चेयरमैन डॉ. विजय पंडित, शिक्षाविद डॉ. पद्मिनी कृष्णा, व्यापार एवं उद्योग प्रशिक्षक डॉ. शशिधरन और डॉ. के. योगेश प्रमुख रूप से शामिल रहे।
कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. विजय पंडित ने की, जबकि मंच संचालन डॉ. पद्मिनी कृष्णा और डॉ. के. योगेश ने संयुक्त रूप से किया। समारोह का शुभारंभ गणेश वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान सभी अतिथियों का दिलासा फाउंडेशन की ओर से शॉल, पुष्पगुच्छ और सम्मान चिन्ह देकर स्वागत किया गया।
समाजसेवा के लिए मिली प्रेरणा
इस अवसर पर वक्ताओं ने मानद डॉक्टरेट उपाधि के महत्व पर प्रकाश डाला और समाजसेवा से जुड़े लोगों को नई जिम्मेदारियों के साथ समाजहित में और अधिक कार्य करने के लिए प्रेरित किया। दिल्ली स्थित संसद सचिवालय में कार्यरत आईएएस अधिकारी आगम मित्तल ने भी फोन के माध्यम से सभी सम्मानित व्यक्तियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। कार्यक्रम के अंत में डॉ. के. योगेश ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।







