पालघर जिले की जव्हार एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना (आईटीडीपी) को केंद्र सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली आईटीडीपी’ का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है। आदिवासी विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए इस परियोजना को 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से भी सम्मानित किया गया है।
राष्ट्रपति के हाथों मिला राष्ट्रीय सम्मान
यह पुरस्कार ‘आईटीडीए और आईटीडीपी का सुदृढ़ीकरण’ विषय पर आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदान किया गया। कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं और उन्होंने यह सम्मान प्रदान किया।
नवाचारी योजनाओं और प्रभावी कार्यशैली को मिली पहचान
जानकारी के अनुसार, आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए चलाई गई नवाचारी योजनाओं, लाभार्थी-केंद्रित पहलों और उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यप्रणाली के कारण जव्हार आईटीडीपी को यह पुरस्कार मिला है। प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शी कामकाज के लिए परियोजना की जमकर प्रशंसा की गई। इस उपलब्धि से पालघर जिले में खुशी का माहौल है।
परियोजना टीम ने ग्रहण किया पुरस्कार
पुरस्कार वितरण समारोह में जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा, अपर सचिव मनीष ठाकुर और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी समेत विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जव्हार एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना की ओर से परियोजना अधिकारी डॉ. अपूर्वा बासुर, सहायक परियोजना अधिकारी मच्छिंद्र गडाख और नियोजन अधिकारी सतीश रास्ते ने राष्ट्रपति के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया।







