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मीरा-भायंदर के सभी स्कूलों का होगा ‘फोर-वे’ सेफ्टी ऑडिट; डालमिया स्कूल में आग की घटना के बाद प्रशासन सख्त |

July 18, 2026 5:52 AM
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मीरा-भायंदर: मीरा Road स्थित एन.एल. डालमिया स्कूल (N.L. Dalmia School) में हाल ही में हुई भीषण आग की घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला किया है। मीरा-भायंदर महानगरपालिका (MBMC) की शिक्षा समिति की सभापति स्नेहा शैलेश पांडे ने क्षेत्र के सभी सरकारी (मनपा) और निजी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। इस संबंध में उन्होंने मनपा के शिक्षा विभाग को एक आधिकारिक पत्र जारी कर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

चार प्रमुख स्तरों पर होगी स्कूलों की सुरक्षा जांच

विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभापति स्नेहा पांडे ने सभी स्कूलों का ‘फोर-वे’ (4-स्तरीय) ऑडिट कराने का सख्त निर्देश दिया है। इसके तहत स्कूलों में निम्नलिखित जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी:

  • स्ट्रक्चरल ऑडिट (Structural Audit): स्कूल इमारतों की मजबूती और निर्माण की स्थिति की जांच।
  • फायर ऑडिट (Fire Audit): आग से बचाव के उपकरणों, इमरजेंसी एग्जिट और फायर एनओसी (NOC) की समीक्षा।
  • इलेक्ट्रिकल ऑडिट (Electrical Audit): शॉर्ट सर्किट के खतरों को टालने के लिए वायरिंग और बिजली प्रणालियों की जांच।
  • लिफ्ट ऑडिट (Lift Audit): स्कूलों में लगी लिफ्ट की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा मानकों का परीक्षण।

आरटीई मानकों और स्कूल बसों पर भी कड़ाई

सभापति ने साफ किया है कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत तय किए गए सभी सुरक्षा मानकों का पालन हर हाल में होना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने स्कूल बसों और विद्यार्थियों के परिवहन (Student Transport) से जुड़े नियमों को भी कड़ाई से लागू करने को कहा है, ताकि बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर लाते समय किसी भी प्रकार की अप्रिय दुर्घटना से बचाया जा सके।

लापरवाही करने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई, मांगी रिपोर्ट

भविष्य में डालमिया स्कूल जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग को तत्काल सभी स्कूलों के प्राचार्यों (Principals) और प्रबंधन के साथ एक आपातकालीन बैठक बुलाने का निर्देश दिया गया है। इस बैठक में सभी को सुरक्षा गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी जाएगी।

शिक्षा समिति का रुख: “हमारे लिए छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी स्कूलों के सेफ्टी ऑडिट और की गई कार्रवाई की एक विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत की जाए।”

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